तमाशा लोग नहीं हम खुद बनते हैं, अपनी जिंदगी का..
_ हर किसी को अपनी कमजोरी बता कर..!!
अपने साथ गलत करने वालों को जरूर याद रखो,
_ लेकिन उन्हें भी याद रखना.. जिन्होंने खड़े होकर तमाशा देखा था.!!
इंसान तो तमाशा देखने आता है, मरहम तो सिर्फ ऊपर वाला ही लगाता है;
_ दुनिया के सामने रोना अपनी बेबसी का सरेआम मज़ाक उड़ाना है.!!
अक्सर आपकी हाँ में हाँ मिलाने वाले लोगों से सावधान रहिये..
_ तुष्टीकरण करने वाला व्यक्ति किसी का सगा नहीं होता.
_ जो आज आपके साथ मिलकर किसी और का तमाशा देख रहा है,
_ कल को किसी और के साथ मिलकर आपका तमाशा देख रहा होगा.
_ किसी पर अंधा विश्वास मत कीजिये.!!





