मस्त विचार 3355

हम कितने हठी हो गये हैं ! हम यह जानते हुए भी कि हम गलत कर रहें हैं,

हम अपने खिलाफ कुछ भी नहीं सुनना चाहते.

मस्त विचार 3354

*💦सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूछ ही लिया करो….*

*मालूम हमे भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते…..*

मस्त विचार 3351

बार बार आईना देखता हूँ, बस इसलिए की जो, अंदर बिखरा पड़ा है _

_वो चेहरे पर तो नहीं दीखता न ,,,

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