My Favourites – 2021

ज्ञान एक ऐसा निवेश है, इसका मुनाफा हमारे जीवन के अंत तक भी मिलता रहता है.
बचपन से हमारे मस्तिष्क को कामयाबी, दौलत, अच्छी नौकरी, सम्मान, आराम और मनचाहा पाने के लिए तैयार किया जाता है.

इन सबके बिना अच्छा जीवन जीने और जिंदगी को प्राथमिकता देने के लिए मस्तिष्क तैयार नहीं है…

जैसे जैसे आयु बढ़ती है ; आपको ये आभास होने लगता है कि आपने व्यर्थ ही उन लोगों को महत्व दिया,

जिनका आपके जीवन में कोई योगदान था ही नहीं.

कोई फायदा नहीं किसी के पीछे पीछे जाने का, हँसते हँसते खुद की Life Enjoy करो

और भूल जाओ उसे, जो तुम्हे भूल गया हो.

जीवन में हम अपना काफी समय उनके लिए नष्ट कर देते हैं,

जिन्हें हमारी चिन्ता नहीं होती.

खिलाफ़ कोई भी हो, अब फर्क़ नहीं पड़ता ;

जिनका साथ है, वो लाजवाब हैं.

तू दिन- रात कोशिशें करता है, किनारा ढूँढने की.

हम तो समुद्र में डुबकियाँ लगा कर ही, जीने का मजा लेते हैं.

वक्त के साथ चलना कोई जरुरी नहीं,

सच के साथ चलिए, एक दिन वक्त आपके साथ चलेगा.

 

My Favourites – 2020

जिस तरह आप किसी मामूली चीज़ को हासिल करने के लिए कोई कीमती चीज़ जाया नहीं करते,

उसी तरह दुनिया के पीछे अपनी अहमियत को ज़ाया न करो…

हर वह चीज जो आप से किसी भी रूप में जुडती है वह आपको कुछ न कुछ सिख अवश्य देती है,

यह आपके ऊपर है कि आप किस चीज से क्या सीखते एवं समझते हैं.

दूरदर्शिता का गुण दुर्लभ होता है, बहुत कम लोगों में यह पाया जाता है,

जिन थोड़े- से लोगों में यह होता है,

वे मनन के ज़रिए भावी संभावनाओं को पहले से ही जान लेते हैं.

जीवन में कुछ निर्णय अत्यंत ही महत्वपूर्ण होते हैं,

क्योंकि उन पर आगे की राह निर्भर करती है.

ज़िन्दगी के 3 आसान नियम- 1. जो आप चाहते हो उसके पीछे नहीं भागोगे तो मंज़िल नहीं मिलेगी.

2. अगर आप कभी पूछोगे नहीं तो जवाब हमेशा “ना” ही रहेगा.

3. अगर आगे नहीं बढ़ोगे तो जहाँ थे, वहीँ रह जाओगे !!

हमारे जीवन में, एक समय ऐसा भी आता है

जब हमे ये तय करना बहुत जरूरी हो जाता है कि…

अब पन्ने पलटना है या किताब बन्द करना है.

प्रकृति में हर ओर आनन्द ही आनन्द फैला पड़ा है,

लेकिन हमारा ध्यान केवल अपने अभावों और दूसरों की समृद्धि पर लगा रहता है.

जो व्यक्ति अपने साथ बहुत आनंद अनुभव करता है,

दूसरे उसके साथ बड़ा आनंद पाएँगे.

सोच कर करने वाला शोभता है,

करने के पहले सोचने वाला बुद्धिमान है,

करने के समय सोचने वाला सतर्क है,

करने के बाद सोचने वाला मूर्ख है.

लोग कुछ भी कहे….हम वही करेंगे जो हमे अच्छा लगे,

क्योंकि वो वो है और हम हम हैं.

*गप से बचना* – लोगों को गपशप के ज़रिए अपने पर हावी मत होने दीजिए,

जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे

और दूसरों की चुगली-निंदा से आपके दिमाग में कहीं न कहीं ज़हर भर चुका होगा.

निकले हैं वह लोग मेरी शख्सियत बिगाड़ने,

किरदार जिनके खुद के मरम्मत मांग रहे है.

जो जहाँ है, जैसा है, अगर वहीँ सुखी नहीं है तो, तो फिर वो कहीं भी, सुखी नहीं हो सकता.

और जो जहाँ है, जैसा है, वहीँ सुखी है तो, वो कहीं भी सुखी हो सकता है.

कभी कभी आप बिना कुछ किए भी दुनिया को गलत लगते हैं, बुरे बन जाते हैं,

क्योंकि आप वो नहीं करते, जैसा लोग चाहते हैं कि आप करें.

हमें बेवकूफ समझकर तूने बहुत बड़ी गलती की,

अब खुद को आसान कर जीने में तुम्हें बहुत मुश्किल होगी..

दुनिया को विज्ञान कितना भी विकसित और सुखद बना दे,

लेकिन मानसिक शांति आज भी प्रकृति की गोद में ही मिलती है.

कुछ चीजें पैसो से नहीं मिलती और मुझे उन्हीं चीजों का शौक है……
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी*

*हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएँगी नाम तुम्हारा*

अपने अगले कदम को सीक्रेट रखिए ; यहां अच्छा चाहने वाले हों ना हों ;

पर बुरा चाहने वाले बहुत से लोग हैं.

हमें रास्तों की जरुरत नहीं,

तेरे पैरों के निशान मिल गये हैं.

तेरा आगाज़ जब से हुआ है !

जीवन का शुभारंभ हुआ है !!!!

अभी तक जो करना चाहता था …. उसको कहता रहा

अब उसको कर रहा हूँ …. जो कहता रहा हूँ.

जो लोग बेहतर उपायों का विरोध करने लगें,

तो इसका मतलब है कि वो हमारे हितैषी नहीं हैं.

कभी कभी हमें पता नहीं होता कि दांव पर क्या लगा है,

हारने के बाद एहसास होता है कि बहुत कुछ हार गए.

कोशिश आखिरी सांस तक करनी चाहिए, क्योंकि

मंजिल मिले या तजुर्बा दोनों ही नायाब हैं.

ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,

.. पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे ।।

जिस चीज़ के लिए आप तैयार हो जाते हो,

वह चीज़ आपके जीवन में आती है.

दिल तो रोज कहता हैं कि मुझे कोई सहारा चाहिए..

फिर दिमाग कहता है क्यों तुम्हे धोखा दोबारा चाहिए…

धूप बहुत काम आई कामयाबी के सफर में,

छाँव में अगर होते… तो सो गए होते.

अच्छी लगने लगी है ये ख़ामोशियाँ भी,

अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया..!

मुझे आजमाने वाले शख्स तेरा शुक्रिया …

मेरी काबिलियत निखरी है तेरी हर आजमाईश के बाद….

अलग मिजाज वाला इंसान हूं

खुद को बस खुद समझता हूं.

माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा “मगर”

हम भी नवाब हैं, बार- बार नहीं मिलेंगे.

जिन्हें आसानी से मिलता हूं मैं,

उन्हें लगता है कि बहुत सस्ता हूं मैं.

एक अच्छे इंसान से धोखा करना,

हीरे को फेंक कर पत्थर उठाने जैसा है.

अकेले ही तय करने होते हैं कुछ सफ़र,

ज़िन्दगी के हर सफ़र में हमसफ़र नहीं होते.

दुनिया में आधे लोगों को आप की मुसीबत सुनने में कोई रस नहीं,

और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.

जब आप किसी को तकलीफ़ से निकालने का प्रयास करते हैं

तो कुदरत आपकी तकलीफ़ें दूर कर देती है.

लाखों हैं मेरे अल्फाज के दीवाने,

मेरी खामोशी सुनने वाला कोई होता तो क्या बात होती.

चुप थे तो चल रही थी जिंदगी लाजवाब…

खामोशियाँ बोलने लगीं…तो बवाल हो गया…!!

कैसी अजीब शर्त है दीदार के लिए,

आँखें जो बंद हों तो वो जल्वा दिखाई दे.

लगता तो बेख़बर सा हूँ लेकिन खबर में हूँ,

अगर तेरी नज़र में हूँ तो सबकी नज़र में हूँ…

इबादत एक मुकाम तक ले जाती है,

आगे दीवानगी रास्ता दिखाती है…

बदला मत लिया करो…

सब रब पर छोड़ दिया करो….. ज़नाब;

जब रब को आपसे प्रेम होता है ना, तो वो

उन तमाम लोगों को आपसे दूर कर देता है,

जो आपके काबिल नहीं होते…

एक ही दिन में पढ़ लोगे क्या मुझे,

मैंने खुद को लिखने में कई साल लगाए हैं.

तूने दीवाना बनाया तो मैं दीवाना बना,

मुझे होश की दुनिया का तमाशा न बना.

तुम से बिछड कर भी तुम्हे भूलना आसान न था,

तुम्ही को याद किया, तुमको भूलने के लिए !

ऐ काश तू भी सुनता कभी आहटों की गूँज,

तू भी मेरी तरह कभी ढूंढता मुझे…

दिल से पर्दा जो उठा, हो गयी रोशन आंखे

दिल में वह पर्दानशी था मुझे मालूम न था !!!!

मैं भी हूँ सौदागर कैसा,

ख़ुशियों का सौदा गम से कर रहा हूं…

ये दुनिया जादू का अजब खिलौना है,

मिल जाए तो मिटटी है, खो जाए तो सोना है…

अब कोई आए, चला जाए, फिर भी मैं खुश रहता हूँ.

अब किसी शख्स की आदत नहीं होती मुझको.

हमने भी ज़िन्दगी का कारवाँ आसाँ कर दिया,

जो तकलीफ देते थे बस उन्हें रिहा कर दिया..!!

अपनी ज़िंदगी को मैंने अब थोड़ा आवारा कर लिया..!!

कुछ मुझसे किनारा कर गए तो कुछ से मैंने किनारा कर लिया..!!

अपनी ही धुन में रहो तो अच्छा है,

दुनिया का क्या पता,,,,,कब बदल जाए…

अक़्सर मुझे ऐसे ही लोग क्यों मिलते हैं,

जो मुझे मिल नहीं पाते……….!!

जो लोग आपको अच्छे से जानते नहीं,

उनकी बातों को दिल पर लेना बेवकूफ़ी है.

ढूंढ लिया है खुद में ही सुकून…!

ये ख्वाहिशें तो खत्म होने से रही.

सादगी से महंगा कोई गहना नहीं शायद,

इसलिए हर किसी ने इसे पहना नहीं..

खुशियां बहुत सस्ती हैं इस दुनिया में,

हम ही ढूंढ़ते हैं उसे महंगी दुकानों में..

जिनकी सबसे बनती है..

वो भरोसे लायक नहीं होते !!

जिन्दगी आसान बनाइए….

कुछ अंदाज से, कुछ नजर अंदाज से…

ज़माना कुछ भी कहे, उसकी परवाह ना कर ;

जिसे ज़मीर ना माने, उसे सलाम ना कर.

 

My Favourites – 2019

हमारा ज्ञान इतना तो अवश्य ही होना चाहिए

कि उस ज्ञान से हम एक स्वस्थ जीवन को जी सकें.

“सच्चाई और अच्छाई का फल सदैव शुभ एवं सुखद ही होता है, नियम भी यही है “
“सच बोलने की आदत”

हमें किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस देती है.

खो देते हैं,..फिर..’खोजा’ करते हैं.

यही खेल हम, ज़िन्दगी भर खेला करते हैं !

अधिक ध्यान उस पर दें, जो आपके पास है,

उस पर नहीं जो, आपके पास नहीं है..….

कई बार जिंदगी में कोई समस्या होती ही नहीं,

और हम “विचारों” में उसे बड़ा बना लेते हैं.

खुद को समझदार समझकर घमंड करने से बेहतर है,

बेवकूफ दिखकर समझदारी वाले काम करना.

किसी चिन्ता को दूर करने के लिए किसी फैसले पर पहुँचना बहुत जरुरी होता है.
“मैं मंज़िल तक पहुंच जाऊंगा ये उम्मीद है मुझको,

न तो ठहरा हुआ हूं मैं न ही भटका हुआ हूं मैं…”

चल जिंदगी ! नई शुरुआत करते हैं,

जो उम्मीद औरों से की थी, वो अब खुद से करते हैं….

बदले बिलकुल भी नहीं हैं हम,

बस जान गए हैं कि दुनिया कैसी है.

“कोई साथ दे ना दे, तू चलना सीख ले;

हर आग से हो जा वाकिफ तू जलना सीख ले;

कोई रोक नहीं पायेगा बढ़ने से तुझे मंज़िल की तरफ;

हर मुश्किल का सामना करना तू सीख ले “

पल-पल, अब का, मैं मस्ती में पीता हूँ.

इसीलिए तो, हो, बे-परवाह, मैं, मस्ती में जीता हूँ.

सभी हारा समझ रहे हैं मुझे,

सबको कैसे समझाऊं की – मंजिल के कितना पास हूं मैं,,,

‘दुनिया में जितनी अच्छी बातें व संदेश हैं, वे दिये जा चुके हैं, अब नया कुछ कहने व देने को बाकी नहीं रहा है. अब जरुरत है, तो केवल उस पर अमल करने की.’

“All the good thoughts and advice has already been given out in the world and there is nothing really new to say. Now the only thing we need to do is to “FOLLOW” it. ”

“Knowledge is a Power to decide what is right and what is wrong”.
Quotes is our expression & experience towards life…
To fall in love with yourself is the first secret to happiness.
I am not believe in any religion and particular God…

I am just human on this planet and part of nature…

I would like to go with passion instead of living a normal life like others….
” Life is full of surprises and miracles ” if you live happy today with yourself then you are on the right path.
Like a druggist who is addicted to drug, I am addicted to meditation.

Single day without meditation I am getting mad and body reacts very unbalanced…..

This is my real experience.

When I meditate, their is no happiness nor any sorrows i experience. Just glimpse of joy anand is flowing in me like a river..
The one who get joy from within is not looking for any outer pleasure or happiness…
When somebody ask me, how you pass your time when living lonely……

in my life dictionary their is no place for word timepass.

I don’t have extra time, the time when i am nothing also. Because every single moment of my life is very precious and I utilize my time where it should be actually utilize….

Nature के साथ हो लिया हूँ मैं, पहाड़ों में, मैदानों में, हवाओं, सूरज- चाँद- तारों के साथ.

सोचता हूँ ये सब मेरा है. मेरे लिए ही बना है, ये मुझे नुकसान नहीं पहुँचा सकते यानि Nature.

सांस के प्रति सजग रहता हूँ, ताजी सांस लेता हूँ और Nature की Silence सुनता हूँ.

सब कुछ छोड़ कर कहीं जाना चाहता हूँ. जहाँ केवल हवा, पानी, पेड़-पौधे, सूरज और कुछ खाद्य सामग्री हो और प्रकृति अपनी जलवे बिखेरती हो.
कायनात का अपना एक संगीत है, उनके लिए जो इसको सुन सकते हैं.

“Earth” has music for those who listen.

तू वाक़िफ नहीं मेरी दीवानगी से,

जिद्द पर आऊं तो खुदा को भी ढूंढ लूँ.

रब तेरे हाथों में हूं मैं, इसलिए बेफिक्र हूं.
“जमाना” जब भी मुझे मुश्किलों में डाल देता है,

मेरा रब हजारों रास्ते निकाल देता है.

🌹तुम्हें एक और बहुत ऊँचे नियम का पता नहीं कि

अस्तित्व उनकी सुरक्षा करता है जो सत्य की खोज में हैं.🌹🌹

जब से तुमसे जुड़ा तब से…..

हर बात जैसे मेरे हित में हो जाती है.

फिर ना आया खयाल जन्नत का …. जब से तेरे दर का रास्ता देखा है ….!!!
Don’t be much closer to anyone, Because a small change in their behavior Hurts a lot.
Life can be very hard if you are dependent emotionally on other person.

Know this – Do not offer space in your mind to everyone or everything.

If we have little Knowledge, we are ready to spread our knowledge to others,

just because to boost our own made ego…………….Better be silent…

Don’t be shy of your SIMPLICITY and TRUTH….it’s a rare quality not found in modern world, which believes in LUXURY and LIES.
The more balanced you are with yourself the more difficult for others to disturb you.
मुझे हद में रहना पसंद है…और लोग उसे ग़रूर समझते हैं..!!
हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आता…!!

जो मैं नहीं हूँ वो दिखाने का तरीका मुझे नहीं आता..!!

हूँ अकेला भी, पर उसके साये में भी.
ज़िस्म में और ज़िस्म से बाहर समाया मैं ही हूँ,

सारी कुदरत सामने जो कुछ नुमाया मैं ही हूँ.

अब तो तेरी मंजिल पे आ पहुंचे हैं तेरी चाहत में,

अब खुद को तुझमें और तुमको पाते हैं मुझमें.

ये गलत कहा किसी ने, कि मेरा पता नहीं…!!

मुझे ढूंढ़ने की हद तक कोई ढूंढ़ता ही नहीं…!!

अपना ढंग बदलो ! अपने आसपास जीवन को सुंदर बनाओ !

सभी को यह महसूस होने दो कि तुम्हारे साथ होना एक उपहार है.

जिंदगी में कुछ चीजों को, कुछ बातों को और कुछ लोगों को जाने दीजिए,

तभी तो अच्छी चीजों, अच्छी बातों और अच्छे लोगों के लिए जगह हो पाएगी.

_मेरी बंदगी में ही कुछ कमी है,_

_वरना तेरा दर तो रहमतों का खजाना है …

जमाने में उसने बड़ी बात कर ली..

खुद अपने से जिसने मुलाकात कर ली…

” जिस दिन से तथ्य और सत्य समझ़ में आने लगते हैं,

उसी दिन से जीवन में मौज़ भी आने लगती है,”

आसान नहीं है उस शख्स को समझना ;

जो जानता सब कुछ हो ; पर बोलता कुछ भी नहीं…

परख ना सकोगे ऐसी शख्सियत है मेरी,

मैं उन्हीं के लिए हूं जो जाने कदर मेरी!!

अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर,

न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है.

जो था वो रहा नहीं,

जो हूँ वो किसी को पता नहीं.

ज़िंदगी ने तो बहुत मौके दिए, दौलत के पहाड़ खड़े करने के,

लेकिन मेरी ज़िद थी, खुद की गहराइयों में उतरने की,”

मेरे टूटने की वजह मेरे जौहरी से पूछ,

उसकी जिद थी मुझे और तराशा जाए.

खुद को दर्द देना भी किसी गुनाह से कम तो नही,

यह ज़िन्दगी इतनी भी कठिन तो नही….

“खुद को खुद में ढूँढने की कोशिश…

लिखना बस बहाना है… इसी ख्वाहिश को पूरा करने का…!”

खुशी सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए नहीं,

बल्कि अपनी तसल्ली के लिए होनी चाहिए.

मैं अकेला हूँ और मैं सबकुछ नहीं कर सकता,

इसका मतलब ये थोड़ी की मैं कुछ भी नहीं कर सकता.

” इंसान का इंसान के अलावा कुछ भी और होना,

उसके इंसान होने में सब से बड़ी गिरावट है,”

” हमेशा सही का चुनाव करो, संपदा आए ना आए,

लेकिन सुकून जरूर आता है, और सुकून सबसे कीमती है,”

आज हमारे पास वो सब है, जो पैसे से खरीद सकते हैं.

लेकिन वो चीज खो दी है, जो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती..

जब आपके इरादे नेक होते हैं तो…आप किसी को नहीं खोते हो…जनाब ;

बस…..लोग आपको खो देते हैं…..!!

समझने वालों के लिए अनमोल हीरा हूँ एक,

ना समझने वालों के लिए पत्थर भी नहीं.

यदि मंजिल की है खबर तो रास्ते की फिकर न कर.

यदि रास्ते में है मजा तो मंजिल की फिकर न कर.

दोनों हालत में जीत तुम्हारी है.

ये जो बेचैनी है तेरी, कुछ नहीं, इक हड़बड़ी है,

देख, शायद सोचने में ही तेरे, कुछ गड़बड़ी है.

साजिशों के हम भी शिकार हो गए,

जितना दिल साफ रखा उतने ही गुनाहगार हो गए…

ज़िन्दगी में जिसे लोगों की पहचान करनी आ गयी…

उसकी जिंदगी में तकलीफें बहोत कम हो जाती हैं.

उन्हें कामयाबी में सुकून नज़र आया वो दोड़ते गए,

हमें सुकून में कामयाबी दिखी तो हम ठेहर गए.

जो अपनी तस्वीर बनाई, वह तस्वीर तुम्हारी निकली !
जबसे तेरे गुलाम हुए, तब से अपने मालिक हुए.
ज्ञानी चिंता सहित भी चिंता रहित होता है.
जब बेफ़िक्र था तुझसे…..तब फ़िक़रें लगी हुई थीं,

जबसे फ़िक्र है तेरा…..बेफ़िक्र हो गया हूँ…

चाहे कितना भी वक़्त ले लो,

“पर आना जरूर” सब्र बहुत है मुझमें…!!!

हर बार रफ्तार सही नही होती,

कई बार धीरे चलने पर भी मंजिल मिल जाती है.

सब कुछ सीखना ही ज्ञान नहीं है,

कुछ बातों को नजर अंदाज करना भी ज्ञान है.

खुद के वजूद पर भरोसा है जनाब,

लोग क्या सोचते हैं फर्क नहीं पड़ता..

खुद को माफ नहीं कर ” पाओगे ”

जिस दिन मुझे समझ ” जाओगे “

भुलायी नहीं जा सकेंगी ये बातें,

बहुत याद आयेंगे हम ” याद रखना “

” अब बस उसे ही याद करता हूँ, जो मुझे याद करता है.”

मोह, दर्द, तकलीफ, उम्मीद, बेबसी, सम्मान, अपमान, प्यार, मोहब्बत, डर, मृत्यु, जीवन एवमं रिश्तों से ऊपर उठ चुका हूँ.

मुझे रत्ती भर परवाह नही की दुनिया मुझसे क्या उम्मीद करती है और मैं उसके उम्मीदों पर कितना खरा उतरता हूँ.

लोगो की जिंदगी में जबरदस्ती घुस जाने से क्या होगा.? और मिलेगा क्या सिवाय तिरस्कार, आत्मग्लानि एवंम नजरअंदाजी के…

कभी कभी हम किसी के बारे में अत्यधिक सोच लेते हैं और बाद में मिलता है हमे अनोखा दर्द एवंम बेपनाह बुरा तजुर्बा….

जब कोई करीबी इंसान अपनी औकात दिखा जाता है न,

तो मुझे दुख नही होता बल्कि खुशी होती है कि, चलो अच्छा हुआ ” छुटकारा मिला “

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