My Favourites – 2021

ज्ञान एक ऐसा निवेश है, इसका मुनाफा हमारे जीवन के अंत तक भी मिलता रहता है.
अच्छा लिखना ही शानदार नहीं होता साहब, पढ़ने वाले भी समझदार होने चाहिए …!!
जीवन तो सबको मिल जाता है, जीना बहुत कम को आता है.
बुद्धिमान के पास परेशानी नही प्लान होता है जिससे वह सफल होता है.
परिणाम जो भी हो, पर प्रयास,,,,, लाजवाब होना चाहिए ..
जरुरी है कि बिना प्रयास किए, असफलता स्वीकार न की जाए.
जिसका उदय होना निश्चित है, उसके लिए प्रकृति भी रास्ता बना देती है.
मनुष्य को अपने ऊपर ही विश्वास नहीं है कि वह सुखी जीवन जी लेगा.
काटने जाओ तो जिंदगी बहुत लंबी है, और जो जीने जाओ तो बहुत छोटी है..
जीवन खेल है ! जिसे समझना मुश्किल है ,,,,? और समझाना नामुमकिन !
उस सुख का क्या महत्व, जो थोड़ी- बहुत वेदना का अनुभव किए बिना ही मिला हो ?
कभी कभी कुछ बुरा होना ज़रूरी होता है, क्योंकि वही बुरी घटना अच्छे भविष्य की नीव रखती है.
आपका बुरा वक्त ही तय करेगा किस से वास्ता रखना है और किस से नहीं….!!
यकिन रखिए ऊपर वाले का फैसला हमारे फैसलो से बहुत अच्छे होते हैं.
नासमझी और उतावलेपन में, उठाये कदम, कलम और कसम, तकलीफ ही देते हैं.
दर्द को भी ताक़त बनाना पड़ता है, जब भी ज़िंदगी में कुछ हासिल करना पड़ता है.
*हमारे बारे में वो लोग ज्यादा जानते हैं*, *जिने हम खुद भी नही जानते*
दूसरों को महंगा करोगे तो खुद सस्ते हो जाओगे…
तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं, और नासमझ हीरे को भी पत्थर करार देते हैं.
खोई हुई चीज़ को याद मत करो और जो मिला है ” उसे बर्बाद मत करो “
जीत कर हम वो नहीं सीख सकते, जो हार कर सिख जाते हैं..
सिर्फ़ कुछ खोकर ही बहुत कुछ खोने के दुःख से बचा जा सकता है.
जिसे हम स्वीकार कर लेते हैं, उसके हम ” पार ” हो जाते हैं.
कमज़ोर बदला लेते हैं, मजबूत माफ़ करते हैं और समझदार नजरअंदाज करते हैं.
शरीफ़ व्यक्ति जब बदमाशी पर उतर जाता है ; तो फिर वो किसी से नहीं हारता..
जो आपके सुख में सुखी नहीं हुआ, वह आपके दुख में दुखी कैसे हो सकता है ?
प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने आत्महित एवमं स्वार्थ के बारे में ही सोचता है, इसीलिए स्वयं बलवान बनें, कोई साथ नहीं देगा…!!!
लोगों को सिर्फ़ उतना ही बताएं, जितना उनके लिए ज़रूरी है, उससे ज़्यादा नहीं.
समस्याओं पर मानसिक बहस करने की बजाय समाधान पर जोर दीजिए.
लोगों की बातें सुनें, लेकिन अपने स्वतंत्र विचारों के आधार पर निर्णय लें !
अगर आपके ख्वाब बड़े हैं तो आपके संघर्ष कैसे छोटे हो सकते हैं.
अपने बीते हुए कल को_ _ अपने आज का ज्यादा समय न लेने दें.
चिंता करना हमारी आदत बन चुकी है, इसलिए हम दुखी हैं.
अच्छा जरूर बनें मगर, साबित करने की कोशिश ना करें.
गलत लोगों से नजदीकी….कम ही रखनी चाहिए..
जीवन यात्रा है, इस यात्रा में जीवन जीने का ढंग महत्वपूर्ण है.
अपनी आवश्यकताएं सीमित रखना सुखी जीवन का मूलमंत्र है.
” शौक पूरे होने चाहिए लेकिन खुद के पैसे से “
जो हम सोच सकते हैं, वह हम कर भी सकते हैं.
अच्छा – बुरा ! जो भी किया !! सब मजाक था !!!

कुछ इसी तरह हमने जीवन को आसां रखा !!!!

बचपन से हमारे मस्तिष्क को कामयाबी, दौलत, अच्छी नौकरी, सम्मान, आराम और मनचाहा पाने के लिए तैयार किया जाता है.

इन सबके बिना अच्छा जीवन जीने और जिंदगी को प्राथमिकता देने के लिए मस्तिष्क तैयार नहीं है…

अगर वास्तविकता का एक दाना भी कमा लिया जाए तो वह इतना कीमती होगा कि

दुनिया की सारी दौलत उसके सामने व्यर्थ हो जाएगी..

जिंदगी में कोई भी चीज इसलिए हासिल करने की कोशिश करें

क्योंकि उससे आपको ख़ुशी मिलेगी,

इसलिए नहीं कि वो आपके दोस्त, रिश्तेदार या पड़ोसी के पास है.

समझ…ज्ञान से ज्यादा गहरी होती है…!

बहुत से लोग आपको जानते हैं…परंतु कुछ ही हैं जो आपको समझते हैं…!

जल्दी से किसी भी बात का बुरा नहीं मानते हम, लेकिन

एक बार किसी की बात चुभ जाए तो उसकी तरफ़ फिर कभी नहीं देखते..

किसी को हो न सका मेरे कद का अंदाजा,

मैं आसमान था मगर सर झुका के चलता था.

हो सके तो हमसे परहेज़ किया कीजिए,

लत लग गई तो हमारे सिवा कहीं सुकून ना मिलेगा…

निकले थे घर से मंज़िलो का शौक लेकर ।

ए जिन्दगी तूने तो हमे मुसाफ़िर बना दिया ।।

भीड़ हमेशा आसान रस्ते पर चलती है, जरुरी नहीं वो सही है ;

अपने रास्ते खुद चुनिए, आपको आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता..

खुद यकीन नहीं होता जिनको अपनी मंजिल का,

उनको राह के पत्थर रास्ते नहीं देते..

लोगों की निंदा से परेशान होकर अपना रास्ता मत बदलना,

क्योंकि सफलता शर्म से नहीं साहस से मिलती है..

जिसे गुण की पहचान नहीं है, उसकी प्रशंसा से डरो ;

और जो गुण का जानकार है, उसके मौन से डरो..

उजालो में मिल ही जायेगा.. कोई ना कोई,

तलाश उसकी रखो, जो अन्धेरों में भी साथ दे..!!

मुर्ख होते हैं वो लोग, जो साधारण से काम को भी जबरदस्ती जटिल बना लेते हैं,

समझदार तो वो हैं, जो बड़े बड़े काम भी सरलता से कर लेते हैं.

आपके जीवन में कुछ ऐसे नियम जरूर होने चाहिए,

जिनसे आप किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे.

जितना कम सामान रहेगा, उतना सफ़र आसान रहेगा.

जितनी भारी गठरी होगी, उतना तू हैरान रहेगा..

परिणाम बता देते हैं कि आपकी सोच कैसी रही होगी,

क्योंकि आप वही कहते और करते हो, जैसा आप सोचते हो..

अगर आपका रास्ता सबसे अलग है, तो

इसका मतलब यह नहीं कि आप खो गए हैं…

इच्छाओं की सड़क तो बहुत दूर तक जाती है,

बेहतर यही है कि हम ” जरूरतों की गली में मुड़ जाएं ” !!

वजूद सबका है अपना अपना,

सूर्य के सामने दीपक का न सही, अंधेरों के आगे बहुत कुछ है..

कोशिश में कोई कमी ना रखना,

नतीजे तो आए दिन बदलते रहते हैं.

जो हो जाय, उससे प्रसन्न रहो,

जो होना होगा, वो, होके ही रहेगा..

योजना बना कर चलना अच्छी बात है, मगर

योजनाओं के नाम पर चिन्तायें पालना ठीक नहीं.

जैसे जैसे आयु बढ़ती है ; आपको ये आभास होने लगता है कि आपने व्यर्थ ही उन लोगों को महत्व दिया,

जिनका आपके जीवन में कोई योगदान था ही नहीं.

बढ़ती उम्र आपको यह अवश्य बताएगी की

कुछ लोगों को खो देना वास्तव में बहुत कुछ पा लेने जैसा था.

” कुछ लोगों के लिए आप महत्वपूर्ण नहीं हैं ”

इस बात को स्वीकारिये और जीवन में आगे बढ़ते रहिए..

नही मन करता अब किसी से बहस करने का,

जो है जैसा है बस ठीक है..

छोड़ना चाहो तो कमियां बहुत है मुझमें,

साथ निभाना चाहो तो खूबियां भी कम नहीं…

बताकर कुछ न कुछ कमियाँ निगाहों से गिराता है.

ज़माना नेक नीयत पर भी अब उंगली उठाता है….

जितना दिखाते हो, उससे अधिक आपके पास होना चाहिए,

जितना जानते हो, उससे कम आपको बोलना चाहिए.

कोई फायदा नहीं किसी के पीछे पीछे जाने का, हँसते हँसते खुद की Life Enjoy करो

और भूल जाओ उसे, जो तुम्हे भूल गया हो.

अपने आप को ऐसा बना लो की ; किसी के आने से या किसी के जाने से ;

या फिर किसी के बदल जाने से ; आपको कोई फर्क ना पड़े..

तराशिए खुद को __ कुछ इस तरह जहाँ में !

पाने वाले को __ नाज और खोने वाले को अफ़सोस रहे !!

कहती है जिंदगी मुझे की मैं आदत बदल लूँ,

बहुत चला मैं लोगो के पीछे अब थोड़ा खुद के साथ चलुं..

दिखावे के लिए बड़े लोगों में बैठकर ख़ुद को जलील मत किया करो,

बस रहो अपनों में नवाबों की तरह…

यह मायने नहीं रखता कि आपके पास कितने साधन हैं,

जब तक कि आपको उनका उपयोग करना ही नहीं आता..

फिक्र मत करो उनकी, वो तुम्हारी बुराई इसलिए कर रहे हैं

क्योंकि वो तुम्हारी बराबरी नहीं कर सकते,,,!!

जब कोई आपसे नफरत करने लग जाए, तो समझ लेना

वो आपका मुकाबला नहीं कर सकता..

देर लगती है मगर समझ आ जाता है,

कौन कैसा है नज़र आ जाता है ..

लोग इसलिए आपको रास्ते बदलने को कहते हैं,

क्योंकि वो नहीं चाहते कि,

जो वो नहीं हासिल कर पाए, वो लछ्य आप हासिल कर लो.

कुछ बनना ही है तो समंदर बनो,

लोगों के पसीने छूटने चाहिए, तुम्हारी औकात नापते- नापते..

मिलती नहीं मेरी तबियत किसी से, कुसूर मेरा है…शख्स कोई बुरा नहीं..
सबको खुश रखने के चक्कर में खुद दुःखी न रहें,

बेवजह नाराज रहने वालों को नाराज ही रहने दें.

रूठने वाले रूठते हैं तो रूठ जाएं, मनाने का हुनर भूल चुके हैं हम !
मतलबी लोगों से फासले ही ठीक रहते हैं ..!!
बदल गई है रंगत जमाने की साहब,

आजकल वही अनजान बनते हैं, जो सब कुछ जानते हों..

जो लोग दूसरों को निचा दिखाने में उलझे रहते हैं,

वो कभी ऊंचाइयों पर नहीं पहुंच पाते हैं..

सकून में इसलिए हूं क्योंकि, धोखा खाया कभी दिया नहीं ..
मुझे अपने बारे में पता है ,,, मेरे लिए यही काफी है.

लोग क्या सोचते हैं मुझे इससे फर्क नही पड़ता..

वे अड़े रहे नफरत करने में, हम ध्यान दे रहे हैं आसमान छूने में !
मैंने तो सिर्फ वो ही खोया जो मेरा था ही नहीं,

लेकिन उसने वो खोया जो सिर्फ उसीका ही था..

किसी दूसरे के बुरे व्यवहार में इतनी ताक़त नहीं होनी चाहिए –

– कि वो आपके मन की शांती को खत्म कर दे,,,

” दिल बहुत कीमती है ” कोशिश करें की इसमें वो ही रहें,

जो इसमें रहने के क़ाबिल हों, दिखावा करने वाले नहीं !

जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुःख आधा हो जाए,

वो ही अपना है ! बाकी तो बस दुनिया ही है..

आपकी बदनामी का धुंआ, वहीँ से उठता है ;

जहाँ आपके नाम से आग लग जाती है..

रोशनी मेरी बहुत दूर तलक जाएगी…

शर्त ये है कि सलीके से जलाओ मुझको !!

जीवन में हम अपना काफी समय उनके लिए नष्ट कर देते हैं,

जिन्हें हमारी चिन्ता नहीं होती.

खुद को खुद ही खुश रखें और योग्य बनायें,

क्योंकि ये जिम्मेदारी आपके लिए कोई दूसरा नहीं उठा सकता.

खिलाफ़ कोई भी हो, अब फर्क़ नहीं पड़ता ;

जिनका साथ है, वो लाजवाब हैं.

कुछ लोग कहते हैं की बदल गये हैं हम,

उनको ये नहीं पता की संभल गये हैं अब हम..

सच्चे लोग अपनी सरलता और पवित्रता में संतुष्ट रहते हैं, वे किसी को भी प्रभावित करने की कोशिश नहीं करते,

” क्योंकि वे जानते हैं कि वे कौन हैं “

मुझे वह लोग पसंद हैं जो अपनी मौज में रहते हैं,

साज़िशें नहीं करते, नफ़रतें नहीं फैलाते, ” मगर कम होते हैं ऐसे लोग !!! “

मंज़िल को ख़बर ही नहीं, सफ़र ने क्या क्या छीना है हमसे…
कई जरिये हैं कुछ कहने के, उनमें से एक जरिया है ” कुछ न कहना “
भूल चुका हूँ उन लोगों को, जिन्हें मैंने भूल से चुन लिया था..
अच्छा हुआ लोग बदल गए, हम भी जरा संभल गए..
जो छोड़ गये वो बोझ थे, जो पास है वो ख़ास हैं..
तुम जिस बात को समझ लेते हो, वो बात तुम्हें कभी परेशान नहीं कर सकती

यदि फिर भी वो बात तुम्हें परेशान करे, तो समझ लेना कि तुम्हें समझ नहीं आई

सिर्फ तुमने सिर हिला दिया है..

जिंदगी के कुछ चैप्टर ऐसे होते हैं, जिन्हें आज नहीं तो कल बंद होना ही है…

इसलिए जो चीज़ें आपके लिए हैं ही नहीं, उन्हें ज़बरदस्ती पकड़ने से कोई फायदा नहीं है.

उन लोगों के बारे में सोचना बंद कर दें जिनके लिए आप बिलकुल भी मायने नहीं रखते,

यकीन मानिए आप हर पल खुश रहेंगे..

आप स्वयं को तब तक स्वतंत्र नहीं कह सकते ;

जब तक आप दूसरों को प्रभावित करने के लिए खुद में बदलाव लाते रहेंगे.

खुद का ख्याल रखना सीख लो, नहीं तो जब कोई धोखा देगा, तो कुछ करने लायक नहीं बचोगे.
अब इतनी ज्यादा समझ आ गयी है कि…

ना तो किसी के साथ बहस करने का मन करता है और ना ही ” समझाने का “

” ऊपर वाला जो करता है अच्छे के लिए ही करता है,”

ये बात हमे तब महसूस होती है, जब हमारे साथ बुरा होने के बाद अच्छा होने लगता है.

दुनिया में सबसे खुश,,वो लोग रहते हैं, जो ये जान चुके हैं कि

दूसरों से किसी भी तरह की उम्मीद करना व्यर्थ है..

जरूरी नही गुनाहों की सज़ा में ही दर्द मिले,

कुछ ज्यादा अच्छाइयों के सिला भी दर्द में मिल जाया करता हैं.

सब्र करो..

जिसके काबिल हो, ज़िंदगी वो हर चीज़ देगी तुम्हें !

गर दूसरों के ज़ोर पर खुद की उड़ान आज़माओगे..

तो ख़ुद अपने परों से उड़ने का हुनर भूल जाओगे …

ज़िन्दगी को खुली किताब ना बनाओ क्योंकि..

लोगों को पढ़ने में नहीं पन्ने फाड़ने में ज्यादा मजा आता है.

उम्मीदें डरती है मुझसे,

मैं वास्तविकता का हाथ थामें रहता हूँ..!!!

तुम जितना ज्यादा ख़ास होने की कोशिश करोगे,

चोट उतनी ही गहरी लगेगी _!_ सहज रहिए..

सफर में कहीं तो दगा खा गए हम..

जहां से चले थे फिर वहीँ आ गए हम…

खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे…

हम वहां मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे..

तू दिन- रात कोशिशें करता है, किनारा ढूँढने की.

हम तो समुद्र में डुबकियाँ लगा कर ही, जीने का मजा लेते हैं.

वक्त के साथ चलना कोई जरुरी नहीं,

सच के साथ चलिए, एक दिन वक्त आपके साथ चलेगा.

खामोशी को हमेशा दर्द से जोड़ कर ना देखो,

खामोशी सुकून का दूसरा रूप भी होती है.

ख्वाहिशों की आदत भी कितनी बेतुकी है…!

मुकम्मल होते ही फिर से बदल जाती है..!!

मुकद्दर को भी बड़े हल्के में लिया है लोगों ने यहां,

थकते पैर हैं लकीरें हाथों की दिखाई जाती है.

खुद को लोगों की नजरों में आजमाना छोड़ दो,

जो तुम्हें ना समझे उन्हें समझाना छोड़ दो.

जज़्बा रखो सच और झूठ को परखने का,

कानों में ज़हर घोलना तो जमाने का काम है.

” वजह ” ही तय करती है, कामयाबी का सफ़र..

वरना ज़िन्दगी का क्या है, आए – बैठे और रवाना हो गए…

ज़िन्दगी के कुछ और पैमाने तय करो…

बस जी लेना ही तो जिन्दगी नहीं..

ना दुखी था वो अपने हालातों से इतना,

जितना ये सोचकर था की ” दुनिया क्या कहेगी “

कुछ कमियां मुझमें थी, कुछ कमियां लोगों में थी,

फर्क सिर्फ इतना सा था कि वो गिनते रहे और ” हम नज़रअंदाज करते रहे ”

जिंदगी जीने के लिए मिली है,

इसे “लोग क्या कहेंगे” यह सोचने में बर्बाद मत कीजिए..

ख़्वाबों के पीछे जिंदगी उलझा ली इतनी,

कि हकीकत में रहने का सलीका ही भूल गए हम.

बिता हुआ कल अगर वर्तमान पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगे,

तो बीते हुए कल को ज़हर समझकर त्याग देना चाहिए.

आपको आगे बढ़ते रहने के लिए पिछली बातों को भूलते रहना होगा,

ये सोच कर कि बीता हुआ कल वापस नहीं आएगा.

अच्छा लगता है मुझे उन लोगों से बात करना.!

जो मेरे कुछ भी नहीं लगते, पर फिर भी मेरे बहुत कुछ हैं..!!

दिखावे का जीवन जीना बहुत कष्टदायक होता है ;

क्यूंकि इंसान की वास्तविकता कुछ और होती है,

और वो दुनिया को कुछ और दिखाना चाहता है.

अपना जीवन सही निर्णय और गलत निर्णय चुनने में मत लगाइए !

जब आप संतुलित, स्पष्ट और खुश हों तो तब कोई निर्णय लीजिए… और

ईमानदारी से अपना जीवन उसमें लगा दीजिये ; कुछ न कुछ शानदार होगा ..!!

बीत जाती हैं जिंदगी ये ढूंढ़ने में, कि ढूंढ़ना क्या है ;

जब कि मालूम नहीं ये भी, कि जो मिला है, उस का करना क्या है..

जिसे पाकर लगे कि अपने को पा लिया, समझना वह अपना है !

और जिसे पाकर लगे कि अपने को खो दिया, समझना वो और भी अपना है !

आपका कर्तव्य क्या है ?

खुश लोगों की वजह से यह विश्व चल रहा है और हम इस विश्व का हिस्सा हैं,

इसलिए खुश रहना हमारा कर्तव्य भी है और अधिकार भी.

 

My Favourites – 2020

जिस तरह आप किसी मामूली चीज़ को हासिल करने के लिए कोई कीमती चीज़ जाया नहीं करते,

उसी तरह दुनिया के पीछे अपनी अहमियत को ज़ाया न करो…

हर वह चीज जो आप से किसी भी रूप में जुडती है वह आपको कुछ न कुछ सिख अवश्य देती है,

यह आपके ऊपर है कि आप किस चीज से क्या सीखते एवं समझते हैं.

अपनी ज़िंदगी को सजाने संवारने की जिम्मेदारी आपकी खुद की है.

It is your responsibility to spruce up and beautify your own life.

मन को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ ये देखो कि आप कुछ गलत तो नहीं कर रहे,

गलत है तो मत करो और सही है तो मन भर के करो.

ज़िंदगी से बडा़ कोई मज़हब नहीं होता,

और अपने जिस्म से सगा कोई दूजा नहीं होता,

तो सबसे पहले ज़िंदगी की परवाह होनी चाहिये,”

दूरदर्शिता का गुण दुर्लभ होता है, बहुत कम लोगों में यह पाया जाता है,

जिन थोड़े- से लोगों में यह होता है,

वे मनन के ज़रिए भावी संभावनाओं को पहले से ही जान लेते हैं.

जीवन में कुछ निर्णय अत्यंत ही महत्वपूर्ण होते हैं,

क्योंकि उन पर आगे की राह निर्भर करती है.

ज़िन्दगी के 3 आसान नियम- 1. जो आप चाहते हो उसके पीछे नहीं भागोगे तो मंज़िल नहीं मिलेगी.

2. अगर आप कभी पूछोगे नहीं तो जवाब हमेशा “ना” ही रहेगा.

3. अगर आगे नहीं बढ़ोगे तो जहाँ थे, वहीँ रह जाओगे !!

हमारे जीवन में, एक समय ऐसा भी आता है

जब हमे ये तय करना बहुत जरूरी हो जाता है कि…

अब पन्ने पलटना है या किताब बन्द करना है.

प्रकृति में हर ओर आनन्द ही आनन्द फैला पड़ा है,

लेकिन हमारा ध्यान केवल अपने अभावों और दूसरों की समृद्धि पर लगा रहता है.

मिल जाता है दो पल का सुकून, बंद आँखों की बंदगी में,

वरना परेशां कौन नहीं, अपनी- अपनी ज़िंदगी में..

मेरी मर्जी ने बगावत क्या की ?

बस, एक तू ही मिला ! बाकी सब रूठ गए !

मुझमें और किस्मत में हर बार बस यही जंग रही,

मैं उसके फैसलों से तंग वो मेरे हौसले से दंग रही.

जो व्यक्ति अपने साथ बहुत आनंद अनुभव करता है,

दूसरे उसके साथ बड़ा आनंद पाएँगे.

सोच कर करने वाला शोभता है,

करने के पहले सोचने वाला बुद्धिमान है,

करने के समय सोचने वाला सतर्क है,

करने के बाद सोचने वाला मूर्ख है.

” यदि आप निराश है तो आप अतीत में रह रहे हैं,

अगर आप चिंतित है तो आप भविष्य में रह रहे हैं,

यदि आप शांतचित है तो ही आप वर्तमान में रह रहे हैं !”

लोग कुछ भी कहे….हम वही करेंगे जो हमे अच्छा लगे,

क्योंकि वो वो है और हम हम हैं.

खुद से ही खुश हूँ और खुद से ही नाराज़ हूँ…

पुरानी यादों को भूल गया, अब नया आगाज़ हूँ..

खामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनें,

शोर कभी मुश्किलों को आसान नहीं करता….!!

*गप से बचना* – लोगों को गपशप के ज़रिए अपने पर हावी मत होने दीजिए,

जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे

और दूसरों की चुगली-निंदा से आपके दिमाग में कहीं न कहीं ज़हर भर चुका होगा.

निकले हैं वह लोग मेरी शख्सियत बिगाड़ने,

किरदार जिनके खुद के मरम्मत मांग रहे है.

पेड़ों जैसी जिंदगी गुजर रही है,

फल भी खाते हैं लोग, हमसे तोड़ कर, और पत्थर भी मार देते हैं..

हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे…

छीले इतने गए कि खंज़र हो गए…!!

ये व्यक्तित्व की गरिमा है, कि फूल कुछ नहीं कहते,

वरना कभी, कांटो को, मसलकर दिखाईये !!

कहते हैं कुछ पाने के लिए, बहुत कुछ खोना पड़ता है…

…मैंने तो बहुत कुछ पाया है ; इसलिए शायद मैंने बहुत कुछ नहीं ” सब कुछ खोया है “

जाने कितना ही वक़्त खोजते हुए खर्च कर दिया,

” पर जो ढूँढ़ लिया ” उसे संभालने का समय नही मिला.

माना की औरों के मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने,

पर ख़ुद गिरता – संभलता रहा, किसी को गिराया नहीं मैंने..

मै लुट कर भी आबाद ही रहा, वो लूट कर भी बर्बाद हो गया..
मुझे खुद पर इतना तो यकीन है,

की रोएगा वो शख्स फिर से मुझे पाने के लिए..

कभी किसी को उसके बीते हुए कल से मत परखिए,

लोग सीखते हैं, बदलते हैं और आगे बढ़ते हैं..

मायने ये नहीं कि आपके पीछे कितनी भीड़ है,

मायने तो ये है कि आप भीड़ से कितने अलग हैं…!!

जिस किसी वृछ को आकाश छुना हो,

उसकी जड़ों को पाताल छुना होता है..

जो जहाँ है, जैसा है, अगर वहीँ सुखी नहीं है तो, तो फिर वो कहीं भी, सुखी नहीं हो सकता.

और जो जहाँ है, जैसा है, वहीँ सुखी है तो, वो कहीं भी सुखी हो सकता है.

कभी कभी आप बिना कुछ किए भी दुनिया को गलत लगते हैं, बुरे बन जाते हैं,

क्योंकि आप वो नहीं करते, जैसा लोग चाहते हैं कि आप करें.

हमें बेवकूफ समझकर तूने बहुत बड़ी गलती की,

अब खुद को आसान कर जीने में तुम्हें बहुत मुश्किल होगी..

कुछ तो मेरी आँखों को पढ़ने का हुनर सीख,

हर बात मेरे यार बताने की नहीं होती.

क्या कहूं क्या- क्या मुझे कुछ सहना पड़ा है,

रहना नहीं था साथ जिसके रहना पड़ा है..

शब्द गिरा देते हैं एहसासों की क़ीमत,

एहसासों को शब्दों में न ढाला करे कोई.

दुनिया को विज्ञान कितना भी विकसित और सुखद बना दे,

लेकिन मानसिक शांति आज भी प्रकृति की गोद में ही मिलती है.

कुछ चीजें पैसो से नहीं मिलती और मुझे उन्हीं चीजों का शौक है……
*खामोशी से बनाते रहो पहचान अपनी*

*हवाएँ ख़ुद गुनगुनाएँगी नाम तुम्हारा*

न कोई उम्मीद…न कोई चाह..

बस चलता रहता हूँ…अपनी राह…!

अपने अगले कदम को सीक्रेट रखिए ; यहां अच्छा चाहने वाले हों ना हों ;

पर बुरा चाहने वाले बहुत से लोग हैं.

दूसरों के पास आपके दैनिक जीवन की अत्यधिक जानकारी होना..

…कोई अच्छा संकेत नहीं है.

दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद, वो ज़ख्म कैसे दिखाएं जो दिखते नहीं..
हमें रास्तों की जरुरत नहीं, तेरे पैरों के निशान मिल गये हैं.
तेरा आगाज़ जब से हुआ है ! जीवन का शुभारंभ हुआ है !!!!
मेरी ख़ामोशी को मेरी हार मत समझना,

मैं कुछ फैसले ऊपर वाले पर छोड़ देता हूँ..

अभी तक जो करना चाहता था …. उसको कहता रहा

अब उसको कर रहा हूँ …. जो कहता रहा हूँ.

न शिकायत किसी से…..ना किसी से अनबन है,

बस अब जिंदगी में थोड़ा…… अकेले चलने का मन है !!

जो लोग बेहतर उपायों का विरोध करने लगें,

तो इसका मतलब है कि वो हमारे हितैषी नहीं हैं.

कभी कभी हमें पता नहीं होता कि दांव पर क्या लगा है,

हारने के बाद एहसास होता है कि बहुत कुछ हार गए.

कोशिश आखिरी सांस तक करनी चाहिए, क्योंकि

मंजिल मिले या तजुर्बा दोनों ही नायाब हैं.

कुछ उलझनों के हल, वक़्त पे छोड़ देने चाहिए…!!

बेशक जवाब देर से मिलेंगे, लेकिन बेहतरीन होंगे…!!

ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,

.. पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे ।।

गौर करता है जमाना बस कामयाबी पर मेरी…

कहाँ कोई दिलचस्पी रखता है सफर जानने में…

जिस चीज़ के लिए आप तैयार हो जाते हो,

वह चीज़ आपके जीवन में आती है.

दिल तो रोज कहता हैं कि मुझे कोई सहारा चाहिए..

फिर दिमाग कहता है क्यों तुम्हे धोखा दोबारा चाहिए…

धूप बहुत काम आई कामयाबी के सफर में,

छाँव में अगर होते… तो सो गए होते.

हम पर लगे इल्ज़ामों के, जवाब तो बहुत थे !

मगर खत्म हुए किस्सों की, हमें ख़ामोशी ही बेहतर लगी !!

अच्छी लगने लगी है ये ख़ामोशियाँ भी,

अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया..!

मुझे आजमाने वाले शख्स तेरा शुक्रिया …

मेरी काबिलियत निखरी है तेरी हर आजमाईश के बाद….

अलग मिजाज वाला इंसान हूं

खुद को बस खुद समझता हूं.

माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा “मगर”

हम भी नवाब हैं, बार- बार नहीं मिलेंगे.

माना की अनमोल और नायाब हो तुम,

मगर हम भी वो हैं जो हर दहलीज पर नहीं मिलते.!!!

जिन्हें आसानी से मिलता हूं मैं,

उन्हें लगता है कि बहुत सस्ता हूं मैं.

एक अच्छे इंसान से धोखा करना,

हीरे को फेंक कर पत्थर उठाने जैसा है.

अकेले ही तय करने होते हैं कुछ सफ़र,

ज़िन्दगी के हर सफ़र में हमसफ़र नहीं होते.

पहचान बड़े लोगों से नहीं,

#समय पर #साथ देने वालों से होनी चाहिए !!

जितना ही लोगों के बारे में जानोगे,

उतना ही ” एकांत ” तुम्हे प्रिय लगने लगेगा.

दुनिया में आधे लोगों को आप की मुसीबत सुनने में कोई रस नहीं,

और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.

जब आप किसी को तकलीफ़ से निकालने का प्रयास करते हैं

तो कुदरत आपकी तकलीफ़ें दूर कर देती है.

लाखों हैं मेरे अल्फाज के दीवाने,

मेरी खामोशी सुनने वाला कोई होता तो क्या बात होती.

चुप थे तो चल रही थी जिंदगी लाजवाब…

खामोशियाँ बोलने लगीं…तो बवाल हो गया…!!

कैसी अजीब शर्त है दीदार के लिए,

आँखें जो बंद हों तो वो जल्वा दिखाई दे.

ख़ुदा ने जो बख्शा है वही हुस्न बहुत है,

फूल अपने बदन पर जेवर नहीं रखते जनाब..

लगता तो बेख़बर सा हूँ लेकिन खबर में हूँ,

अगर तेरी नज़र में हूँ तो सबकी नज़र में हूँ…

इबादत एक मुकाम तक ले जाती है,

आगे दीवानगी रास्ता दिखाती है…

बदला मत लिया करो…

सब रब पर छोड़ दिया करो….. ज़नाब;

जब रब को आपसे प्रेम होता है ना, तो वो उन तमाम लोगों को

आपसे दूर कर देता है,,,……जो आपके काबिल नहीं होते…

एक ही दिन में पढ़ लोगे क्या मुझे,

मैंने खुद को लिखने में कई साल लगाए हैं.

तूने दीवाना बनाया तो मैं दीवाना बना,

मुझे होश की दुनिया का तमाशा न बना.

तुम से बिछड कर भी तुम्हे भूलना आसान न था,

तुम्ही को याद किया, तुमको भूलने के लिए !

ऐ काश तू भी सुनता कभी आहटों की गूँज,

तू भी मेरी तरह कभी ढूंढता मुझे…

दिल से पर्दा जो उठा, हो गयी रोशन आंखे

दिल में वह पर्दानशी था मुझे मालूम न था !!!!

मैं भी हूँ सौदागर कैसा,

ख़ुशियों का सौदा गम से कर रहा हूं…

ये दुनिया जादू का अजब खिलौना है,

मिल जाए तो मिटटी है, खो जाए तो सोना है…

नही जीना मुझे ” नकली अपनों के मेले में “,

खुश रहने की कोशिश कर लूंगा ” खुद ही अकेले में “.

अब कोई आए, चला जाए, फिर भी मैं खुश रहता हूँ.

अब किसी शख्स की आदत नहीं होती मुझको.

कुछ लोग कहते हैं,, बहुत बदल गये हो तुम,

हमने भी मुस्कुरा कर कहा,,लोगों के हिसाब से जीना छोड़ दिया है मैंने..

हमने भी ज़िन्दगी का कारवाँ आसाँ कर दिया,

जो तकलीफ देते थे बस उन्हें रिहा कर दिया..!!

चल जिन्दगी एक नई शुरुआत करते हैं,

जो हमारे बिना खुश हैं….उन्हें आजाद करते हैं,…!! ..

अपनी ज़िंदगी को मैंने अब थोड़ा आवारा कर लिया..!!

कुछ मुझसे किनारा कर गए तो कुछ से मैंने किनारा कर लिया..!!

अपनी ही धुन में रहो तो अच्छा है,

दुनिया का क्या पता,,,,,कब बदल जाए…

अक़्सर मुझे ऐसे ही लोग क्यों मिलते हैं,

जो मुझे मिल नहीं पाते……….!!

जो लोग आपको अच्छे से जानते नहीं,

उनकी बातों को दिल पर लेना बेवकूफ़ी है.

ढूंढ लिया है खुद में ही सुकून…!

ये ख्वाहिशें तो खत्म होने से रही.

कर्म वो करो जो करना ही फल लगे..
सादगी से महंगा कोई गहना नहीं शायद,

इसलिए हर किसी ने इसे पहना नहीं..

खुशियां बहुत सस्ती हैं इस दुनिया में,

हम ही ढूंढ़ते हैं उसे महंगी दुकानों में..

जिसकी जरुरत नहीं है उसको खरीदो मत,

नहीं तो जिसकी जरुरत है उसे बेचना पड़ेगा..

जिनकी सबसे बनती है.. वो भरोसे लायक नहीं होते !!
जिन्दगी आसान बनाइए….

कुछ अंदाज से, कुछ नजर अंदाज से…

ज़माना कुछ भी कहे, उसकी परवाह ना कर ;

जिसे ज़मीर ना माने, उसे सलाम ना कर.

ज्यादा बात करने वाले कुछ नहीं कर पाते

और कुछ कर दिखाने वाले ज्यादा बात नहीं करते !!

लोगो से कम बात करो और सुखी रहो.

 

My Favourites – 2019

हमारा ज्ञान इतना तो अवश्य ही होना चाहिए कि उस ज्ञान से हम एक स्वस्थ जीवन को जी सकें.
अपने आप से प्यार करें, जीवन की हर हलचल का आनंद लें, जीवन अद्भुत है.
अच्छे के साथ बुरा भी उसके अच्छे के लिए होता है.
यदि एक छोटा सा बीज एक बड़े से पेड़ को जन्म दे सकता है, तो जरा सोच कर देखो कि

हमारा एक छोटा नेक विचार हमारे जीवन में कितनी खुशियों को जन्म दे सकता है.

खुद की क्या पहचान बताऊं* कुछ भी तो नहीं हूं मैं* बस इतना कह सकता हूं * खुदा की छोटी सी रहमत हूं मै*

जो समझे मुझे, वो एक नाम दे ,दे* जो ना समझे वो पागल कह दे*

“सच्चाई और अच्छाई का फल सदैव शुभ एवं सुखद ही होता है, नियम भी यही है “
“सच बोलने की आदत”

हमें किसी भी परिस्थिति का सामना करने का साहस देती है.

खो देते हैं,..फिर..’खोजा’ करते हैं.

यही खेल हम, ज़िन्दगी भर खेला करते हैं !

घोंसला बनाने में….हम यूँ मशगूल हो गए …!

की उड़ने को पंख भी थे…. ये भी भूल गए…!!!

वक्त के साथ लोग बिछड़ गये,

फायदा ये हुआ कि हम जीना सीख गये..

अधिक ध्यान उस पर दें, जो आपके पास है,

उस पर नहीं जो, आपके पास नहीं है..….

जो तराशता है उसे खूबी दिखेगी..

जो तलाशता है उसे कमी दिखेगी !!

बाहर से शांत दिखने के लिए अंदर से बहुत लड़ना पड़ता है .!
कई बार जिंदगी में कोई समस्या होती ही नहीं,

और हम “विचारों” में उसे बड़ा बना लेते हैं.

खुद को समझदार समझकर घमंड करने से बेहतर है,

बेवकूफ दिखकर समझदारी वाले काम करना.

यदि आप अपने प्लान दूसरों को बताते हैं तो इससे उसके पूरे होने की संभावना कम हो जाती है,

इसलिए काम पूरा होने से पहले किसी को ना बताएं.

किसी चिन्ता को दूर करने के लिए किसी फैसले पर पहुँचना बहुत जरुरी होता है.
“मैं मंज़िल तक पहुंच जाऊंगा ये उम्मीद है मुझको,

न तो ठहरा हुआ हूं मैं न ही भटका हुआ हूं मैं…”

कोशिश ऐसी करनी चाहिए की हारते हारते, कब जीत जाओ पता भी ना चले.
तुमसे मुझको क्या मतलब, मैं खुद की तलाश में हूं..
अपनी कला में जीना, जीने की सबसे अच्छी कला है.
चल जिंदगी ! नई शुरुआत करते हैं,

जो उम्मीद औरों से की थी, वो अब खुद से करते हैं….

जब कोई आपका साथ ना दे, तो समझ जाना ;

आप कुछ सबसे अलग कर रहे हैं..

बदले बिलकुल भी नहीं हैं हम,

बस जान गए हैं कि दुनिया कैसी है.

जुदा होना ही मंजूर किया हमने,

गलती थी नही, तो मानी भी नही.!

बदलना कौन चाहता है जनाब,

लोग मजबूर कर देते हैं बदलने को.

मैं खुद भी अपने लिए अजनबी हूं ..

मुझे गैर कहने वाले .. तेरी बात में दम है.

जो मुझको कम समझते हैं, वो मुझको कम समझते हैं..
जीवन मेरा सरल था, न जाने कितनों को चुभ गया.
मैं दूसरों की दृष्टि में क्या हूं, यह महत्वपूर्ण नहीं है ;

महत्वपूर्ण यह है कि मैं अपनी स्वयं कि दृष्टि में क्या हूं !

” किसी हीरे से कम नहीं मेरे जीवन की दास्तां

हसीन है कितना मगर गिना पत्थर में जाता है ”

सोचने दे ज़माने को जो सोचता है,

अगर तेरा दिल सच्चा है तो नाज़ कर खुद पर..

“कोई साथ दे ना दे, तू चलना सीख ले;

हर आग से हो जा वाकिफ तू जलना सीख ले;

कोई रोक नहीं पायेगा बढ़ने से तुझे मंज़िल की तरफ;

हर मुश्किल का सामना करना तू सीख ले “

लोगों ने….. आपके साथ छल किया, और उन्हीं कष्टों ने आपको बदल दिया..
मुकाम वो हासिल करो, जब चाहो माहौल बदल सको !!
पता नहीं कैसे परखता है तू मुझे,

इम्तिहान भी कठिन लेता है और फेल भी नहीं होने देता !!

फासले तो है उससे पर इतने भी नहीं,

कि मैं ख्वाब में बुलाऊं और वो ना आए..!!

तू एक कदम भी जो मेरी तरफ बढ़ा देता,

मैं मंजिलें तेरी दहलीज से मिला देता..

तेरी खुशबू कहीं ओर मिलती ही नहीं,

फ़ूल सारे खरीद कर ,,,,,देखे हैं हमने..

पल-पल, अब का, मैं मस्ती में पीता हूँ.

इसीलिए तो, हो, बे-परवाह, मैं, मस्ती में जीता हूँ.

सभी हारा समझ रहे हैं मुझे,

सबको कैसे समझाऊं की – मंजिल के कितना पास हूं मैं,,,

‘दुनिया में जितनी अच्छी बातें व संदेश हैं, वे दिये जा चुके हैं, अब नया कुछ कहने व देने को बाकी नहीं रहा है. अब जरुरत है, तो केवल उस पर अमल करने की.’

“All the good thoughts and advice has already been given out in the world and there is nothing really new to say. Now the only thing we need to do is to “FOLLOW” it. ”

“Knowledge is a Power to decide what is right and what is wrong”.
Quotes is our expression & experience towards life…
To fall in love with yourself is the first secret to happiness.
I am not believe in any religion and particular God…

I am just human on this planet and part of nature…

I would like to go with passion instead of living a normal life like others….
” Life is full of surprises and miracles ” if you live happy today with yourself then you are on the right path.
Like a druggist who is addicted to drug, I am addicted to meditation.

Single day without meditation I am getting mad and body reacts very unbalanced…..

This is my real experience.

When I meditate, their is no happiness nor any sorrows i experience. Just glimpse of joy anand is flowing in me like a river..
The one who get joy from within is not looking for any outer pleasure or happiness…
When somebody ask me, how you pass your time when living lonely……

in my life dictionary their is no place for word timepass.

I don’t have extra time, the time when i am nothing also. Because every single moment of my life is very precious and I utilize my time where it should be actually utilize….

If you judge me through brain, you can never reach to me. And if u see me from heart, am all urs…
When you don’t talk, you hear yourself better.
Life is harder when you complicate the simple things.

Enjoy what you have and live your life.

Nature के साथ हो लिया हूँ मैं, पहाड़ों में, मैदानों में, हवाओं, सूरज- चाँद- तारों के साथ.

सोचता हूँ ये सब मेरा है. मेरे लिए ही बना है, ये मुझे नुकसान नहीं पहुँचा सकते यानि Nature.

सांस के प्रति सजग रहता हूँ, ताजी सांस लेता हूँ और Nature की Silence सुनता हूँ.

सब कुछ छोड़ कर कहीं जाना चाहता हूँ. जहाँ केवल हवा, पानी, पेड़-पौधे, सूरज और कुछ खाद्य सामग्री हो और प्रकृति अपनी जलवे बिखेरती हो.

ख़ुद को निखारना चाहता हूँ.. गुमनामी में जीना चाहता हूँ… कुछ अनोखा सीखना चाहता हूँ…

फ़िर से उड़ जाना चाहता हूँ,,,ये सब चाहतों के साथ जीना चाहता हूँ..

Happiness को बाहर ढूढेंगे तो ना जाने कितना समय लग जायेगा खुशियाँ हासिल करने में,

इसे अपने अन्दर तलाशिये, जब खुशियाँ अन्दर से बाहर आएँगी तो स्थायी होंगी.

मैं अपनी मानसिक शांति को पुनः प्राप्त करना चाहता हूँ… मैं फिर से अपनी पुरानी जिंदगी में वापस जाना चाहता हूँ जहाँ खुशियाँ थी, धैर्य था, मस्ती थी, नादानी थी…जिंदगी की कोई खोज ख़बर नहीं थी बस अपने और दोस्तों में मौज थी…अब कहाँ मैं खुद की खोज और जिंदगी की तलाश में भटक गया…!!
शुभचिंतकों को मेरे नाकाम होने, फ़कीर हो जाने का डर है. आगे का मालूम नहीं फिलहाल कुछ ना होने और चिंता मुक्त जीवन का आनंद ले रहा हूं.

अंजाम जो भी हो उसका ज़िम्मेदार सिर्फ और सिर्फ मैं होऊँगा, ये एहसास ही मुझे आज़ादी की अनुभूति करवाता है…

” फकीरी ” ला देती है…. हुनर, ” चुप ” रहने का,,

” रशुख “और अमीरी जरा सी भी हो तो, ” शोर ” बहुत करती है…??

मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस ;

ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं ..!!

मुद्दत हो गयी, कोई शख्स तो अब ऐसा मिले..

बाहर से जो दिखता हो, अन्दर भी वैसा मिले…

“अपनी मौज़ की सबसे बड़ी वजह रही,

हम अपने को बादशाह जानते रहे, और दुनिया फ़क़ीर, “

किसी की हैसियत से हमें क्या ताल्लुक,

खुद की दुनिया के बादशाह हैं हम..

कायनात का अपना एक संगीत है, उनके लिए जो इसको सुन सकते हैं.

“Earth” has music for those who listen.

तू वाक़िफ नहीं मेरी दीवानगी से,

जिद्द पर आऊं तो खुदा को भी ढूंढ लूँ.

भेद तेरा कोई क्या पहचाने, जो तुझ सा है वो ही तुझे जाने..
रब तेरे हाथों में हूं मैं, इसलिए बेफिक्र हूं.
दुनिया तेरे वजूद को कर रही तलाश,

हमने तेरी याद को ही दुनिया बना लिया.

अब तराशो तुम मुझे अपने तरीके से,

मेरे तौर- तरीकों ने तो मुझे चूर- चूर ही किया है.

तुम न होते तो फिर कौन होता,

तुम हो…तब भी कौन है…?

“जमाना” जब भी मुझे मुश्किलों में डाल देता है,

मेरा रब हजारों रास्ते निकाल देता है.

कई बार टूटा हूं, मैं कई बार बिखरा हूं।

मैं जब भी बिखरा हूं, मैं और निखरा हूं॥

🌹तुम्हें एक और बहुत ऊँचे नियम का पता नहीं कि

अस्तित्व उनकी सुरक्षा करता है जो सत्य की खोज में हैं.🌹🌹

जब से तुमसे जुड़ा तब से…..

हर बात जैसे मेरे हित में हो जाती है.

हर सुख अपने साथ अपने ढंग का दुख लाता है !
फिर ना आया खयाल जन्नत का …. जब से तेरे दर का रास्ता देखा है ….!!!
Don’t be much closer to anyone, Because a small change in their behavior Hurts a lot.
Life can be very hard if you are dependent emotionally on other person.

Know this – Do not offer space in your mind to everyone or everything.

If we have little Knowledge, we are ready to spread our knowledge to others,

just because to boost our own made ego…………….Better be silent…

Don’t be shy of your SIMPLICITY and TRUTH….it’s a rare quality not found in modern world, which believes in LUXURY and LIES.
The more balanced you are with yourself the more difficult for others to disturb you.
मुझे हद में रहना पसंद है…और लोग उसे ग़रूर समझते हैं..!!
हर किसी को मैं खुश रख सकूं वो सलीका मुझे नहीं आता…!!

जो मैं नहीं हूँ वो दिखाने का तरीका मुझे नहीं आता..!!

हूँ अकेला भी, पर उसके साये में भी.
थोड़ा वक़्त लगेगा, पर यकीन मानो,

अकेले बहुत सुकून मिलेगा.

ज़िस्म में और ज़िस्म से बाहर समाया मैं ही हूँ,

सारी कुदरत सामने जो कुछ नुमाया मैं ही हूँ.

अब तो तेरी मंजिल पे आ पहुंचे हैं तेरी चाहत में,

अब खुद को तुझमें और तुमको पाते हैं मुझमें.

ये गलत कहा किसी ने, कि मेरा पता नहीं…!!

मुझे ढूंढ़ने की हद तक कोई ढूंढ़ता ही नहीं…!!

हम क्या हैं वो सिर्फ हम ही जानते हैं !

लोग तो सिर्फ हमारे बारे में ” अंदाज़ा ” लगा सकते हैं,,,,

तसल्ली से पढ़े होते तो समझ में आते हम,

ज़रूर कुछ पन्ने बिना पढ़े ही पलट दिए होंगे.

ये तो पता है उसका मकान इस गली में है,

पर कौन सा है उसका घर ये तलाश जारी है..

अपना ढंग बदलो ! अपने आसपास जीवन को सुंदर बनाओ !

सभी को यह महसूस होने दो कि तुम्हारे साथ होना एक उपहार है.

जिंदगी में कुछ चीजों को, कुछ बातों को और कुछ लोगों को जाने दीजिए,

तभी तो अच्छी चीजों, अच्छी बातों और अच्छे लोगों के लिए जगह हो पाएगी.

जीवन के सारे दुःखों की जड़ ‘चाह’ है. ‘चाह’ नजर बाहर घुमाने से पैदा होती है,

यानी जिसकी नजर सिर्फ अपने पर बनी हुई हो वह कभी दुःखी नहीं होता.

_मेरी बंदगी में ही कुछ कमी है,_

_वरना तेरा दर तो रहमतों का खजाना है …

जमाने में उसने बड़ी बात कर ली..

खुद अपने से जिसने मुलाकात कर ली…

” जिस दिन से तथ्य और सत्य समझ़ में आने लगते हैं,

उसी दिन से जीवन में मौज़ भी आने लगती है,”

आसान नहीं है उस शख्स को समझना ;

जो जानता सब कुछ हो ; पर बोलता कुछ भी नहीं…

परख ना सकोगे ऐसी शख्सियत है मेरी,

मैं उन्हीं के लिए हूं जो जाने कदर मेरी!!

जो मुझे नहीं समझ सकते वो समझ लें – मेरा जीवन

इतना सस्ता नहीं है कि हर कोई मुझे आसानी से समझ जाए.

अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर,

न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है.

जब हम खुद को समझ लेते हैं, तो इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि

कोई और हमारे बारे में क्या सोचता हैं.

आपके बारे में 10% जानने वाले लोग दूसरों को 100% बता रहे होते हैं.
जो था वो रहा नहीं, जो हूँ वो किसी को पता नहीं.
अब मैं पहले जैसा नहीं रहा… ये तो तय है,

और कैसा हो गया हूं… ये मुझे भी नहीं मालूम !!

मन तो चाहता है जीया जाये अपने हिसाब से,

जिम्मेदारियां कहती हैं वक्त बर्बाद बहुत होगा..

ज़िंदगी ने तो बहुत मौके दिए, दौलत के पहाड़ खड़े करने के,

लेकिन मेरी ज़िद थी, खुद की गहराइयों में उतरने की,”

हम भी जानते हैं, मशहूर होने के तौर तरीके,

पर दिल को जिद्द है, ” अपने ही अंदाज़ से जीने की ”

मेरे टूटने की वजह मेरे जौहरी से पूछ,

उसकी जिद थी मुझे और तराशा जाए.

तराशा गया जो हमें, हम ही में हम ना मिले..
खुद को दर्द देना भी किसी गुनाह से कम तो नही,

यह ज़िन्दगी इतनी भी कठिन तो नही….

थोड़ा डूबूंगा मगर, मैं फिर तैर आऊंगा,

” ए जिंदगी तू देख, मैं फिर जीत जाऊंगा “

“खुद को खुद में ढूँढने की कोशिश…

लिखना बस बहाना है… इसी ख्वाहिश को पूरा करने का…!”

खुशी सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए नहीं,

बल्कि अपनी तसल्ली के लिए होनी चाहिए.

अकेले चलने वाले घमंडी नहीं होते, वो वास्तव में हर काम में अकेले काफी होते हैं..
मैं अकेला हूँ और मैं सबकुछ नहीं कर सकता,

इसका मतलब ये थोड़ी की मैं कुछ भी नहीं कर सकता.

अब साथ नहीं किसी का, आसमां में अकेले ही शान से उड़ता हूँ…!!
एक तुम साथ हो तो कोई और चाहिए भी नहीं…
जब से सुना वो हर जगह साथ है,

न जाने क्यूँ मुझे अकेलेपन से मोहब्बत हो गई..

अकेले रहने वाले लोग अपने आप में ही सम्पूर्ण महसूस करते हैं,

ये लोग खुद को ही अपना सबसे अच्छा दोस्त मानते हैं.

भीतर असली जिंदगी, बाहर है वर्ताव !

थोड़ा अंदर से जियो, देखो अलग प्रभाव !!

जब बहने में ही मज़ा आने लगे,

तो भला तैरने की फिक्र कौन करता है !

” इंसान का इंसान के अलावा कुछ भी और होना,

उसके इंसान होने में सब से बड़ी गिरावट है,”

” हमेशा सही का चुनाव करो, संपदा आए ना आए,

लेकिन सुकून जरूर आता है, और सुकून सबसे कीमती है,”

आज हमारे पास वो सब है, जो पैसे से खरीद सकते हैं.

लेकिन वो चीज खो दी है, जो पैसे से नहीं खरीदी जा सकती..

जब आपके इरादे नेक होते हैं तो…आप किसी को नहीं खोते हो…जनाब ;

बस…..लोग आपको खो देते हैं…..!!

किसी को जानना बहुत आसान होता है,

पर किसी को समझ पाना काफ़ी मुश्किल..

समझने वालों के लिए अनमोल हीरा हूँ एक,

ना समझने वालों के लिए पत्थर भी नहीं.

यदि मंजिल की है खबर तो रास्ते की फिकर न कर.

यदि रास्ते में है मजा तो मंजिल की फिकर न कर.

दोनों हालत में जीत तुम्हारी है.

ये जो बेचैनी है तेरी, कुछ नहीं, इक हड़बड़ी है,

देख, शायद सोचने में ही तेरे, कुछ गड़बड़ी है.

साजिशों के हम भी शिकार हो गए,

जितना दिल साफ रखा उतने ही गुनाहगार हो गए…

खुश होना है तो बेवजह हो जाइए जनाब..

वजहें आजकल महँगी हो गई हैं..!!

अपने आप में खुश रहो,

फिर तुम्हे कोई दुख नहीं दे पाएगा !!

ज़िन्दगी में जिसे लोगों की पहचान करनी आ गयी…

उसकी जिंदगी में तकलीफें बहोत कम हो जाती हैं.

उन्हें कामयाबी में सुकून नज़र आया वो दोड़ते गए,

हमें सुकून में कामयाबी दिखी तो हम ठेहर गए.

मरहम के लालच में अपनी दुखती रग का पता लोगों को देना….बेवकूफ़ी की आखिरी हद है..
जब ठिकाना ही तुम हो, तो खुशियां दुनिया में और कहां ढूंढे..
एक मुद्दत से देख रहा हूँ तुम्हें,, और लगता है अभी एक झलक देखा है….
तुम जीत कर भी रो पड़ोगे,,हम तुमसे कुछ इस तरह हारेंगे…
जो अपनी तस्वीर बनाई, वह तस्वीर तुम्हारी निकली !
जबसे तेरे गुलाम हुए, तब से अपने मालिक हुए.
ज्ञानी चिंता सहित भी चिंता रहित होता है.
जब बेफ़िक्र था तुझसे…..तब फ़िक़रें लगी हुई थीं,

जबसे फ़िक्र है तेरा…..बेफ़िक्र हो गया हूँ…

तुम इतने भी नादां नहीं हो की ” समझ ” न सको..!!

मेरी चंद लाइनों में सिर्फ तेरा ही ” जिक्र ” होता है ..!!!!

तुम्हे खोजते-खोजते लापता हो गया हूँ खुद में ही…

कहीं मिल जाऊँ तो मुझे जरूर बता देना..!!

कांटा हूं मैं, जिसे चुभता हूं उसी का हो जाता हूं..

वो फूल नहीं हूं, जिसे हर भंवरा चूमता फिरे.

रंग बदलती इस दुनिया में..

मुझे मेरा, __बेरंग होना पसंद आया …

करने को बहुत काम थे अपने लिए मगर,

हमको तेरे ख्याल से कभी फुर्सत नहीं मिली..

हम बहुत से अरमान जिंदगी जीने के लिए चाहते हैं,

तूने मुझे वंचित कर के बचा लिया..

तारीफ के मोहताज नहीं हैं हम,

फूलों पे कभी इत्र नहीं लगाया जाता..

खुबसूरत रिश्ता है मेरा और तेरा,

ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम तू देता नही….

गर तेरी….बंदगी नहीं होती !

ज़िन्दगी….ज़िन्दगी नहीं होती !!

मुझे सुकून की तलाश थी, और फिर तुम मिल गए..
जब मैं हर पल तेरी देख- रेख और निगरानी में हूँ,

__ तो इससे बड़ी और कड़ी सुरछा क्या हो सकती है.

चाहे कितना भी वक़्त ले लो,

“पर आना जरूर” सब्र बहुत है मुझमें…!!!

हर बार रफ्तार सही नही होती,

कई बार धीरे चलने पर भी मंजिल मिल जाती है.

सब कुछ सीखना ही ज्ञान नहीं है,

कुछ बातों को नजर अंदाज करना भी ज्ञान है.

खुद के वजूद पर भरोसा है जनाब,

लोग क्या सोचते हैं फर्क नहीं पड़ता..

जो बाहर की सुनता है, बिखर जाता है..

जो भीतर की सुनता है, निखर जाता है…

शौक से निकालिये हम में नुख्श साहब,

आप ही नहीं होंगे तो हमें तरासेगा कौन..

हर कोई आपको समझ नहीं सकता और

हर किसी को आप समझा नहीं सकते.

राजा की तरह जीने के लिए,

पहले गुलाम की तरह मेहनत करनी पड़ती है.

चलो बिखरने देते हैं जिंदगी को,

सम्भालने की भी एक हद होती है.

” हम मेहमान नहीं रौनक_ऐ_महफ़िल हैं ”

” मुद्दतों याद रखोगे कि ज़िन्दगी में कोई आया था “

मुझे रुख़सत तो कर रहे हो खुद से,

मगर एक बात याद रखना…मैं दुबारा नहीं मिलता….!!!!

निभा न पायेंगे वो मेरा किरदार, जो देते हैं हमें मशवरे हजार..
खुद को माफ नहीं कर ” पाओगे ” जिस दिन मुझे समझ ” जाओगे “
ढूंढ़ने से भी नहीं मिलूंगा, अगर गलती से भी खो दिया मुझे..
देखना एक दिन आप मुझे, फिर से पाने के लिए तरस जाओगे !
भुलायी नहीं जा सकेंगी ये बातें, बहुत याद आयेंगे हम ” याद रखना “
तुमने मुझे खोकर क्या खोया है, ये मैं नहीं मेरा वक्त बताएगा ….!!!
जिसे संभाल न पाओ, उसे बिखेरा न‌ करो.
तैरने के लिए नदी का गहरा होना भी जरुरी है,

जिससे बात करो उसका, कुछ तल होना भी जरुरी है,

हम समय बर्बाद नहीं करते, हर एक से बात नहीं करते,

कुछ तो दम हो कहने वाले में, सब से संवाद नहीं करते..

एक बार वर्तमान में जीने की कला तो सीखो; भूत, भविष्य, जीवन से चिंता, दुःख, तनाव सब गायब हो जाएंगे,

आप ऐसे आनंद में डूब जाएंगे जो अनमोल है, यही जीवन का परम सुख है..

मैं क्यूँ ये सोचता हूँ कि कोई मुझे समझे…मैं स्वयं को ही क्यूँ नहीं समझता ?

उम्मीद ही क्यूँ रखता हूँ कि कोई तो हो जो मुझे कहे तुम ठीक हो ?

” अब बस उसे ही याद करता हूँ, जो मुझे याद करता है.”

मोह, दर्द, तकलीफ, उम्मीद, बेबसी, सम्मान, अपमान, प्यार, मोहब्बत, डर, मृत्यु, जीवन एवमं रिश्तों से ऊपर उठ चुका हूँ.

मुझे रत्ती भर परवाह नही की दुनिया मुझसे क्या उम्मीद करती है और मैं उसके उम्मीदों पर कितना खरा उतरता हूँ.

मुश्किल और दुःख में फ़र्क करना सीखिए…

कुछ लोग रोने के इतने आदी होते हैं कि सिर्फ़ मुश्किलों को दुःख बताकर आँसू बहाने बैठ जाते हैं,

उन्हें ये समझाया जाना चाहिए कि रास्ते में पड़े भारी भरकम पत्थर को धक्का देकर हटाना मुश्किल मात्र है,

वो दुःख तब है जब धक्का देने के लिए तुम्हारे पास हाथ ही ना हो.

कई बार परिस्थितिओं को ये सोचकर accept कर लेना अच्छा होता है कि जो हो रहा है अच्छे के लिए हो रहा है,

अगर हम इस एक बात को दिल से accept कर लें तो, ज़िन्दगी के बहुत सारे तूफ़ान थम जायेंगे और धीरे-धीरे सबकुछ पटरी पर आने लगेगा.

लोगो की जिंदगी में जबरदस्ती घुस जाने से क्या होगा.? और मिलेगा क्या.?

सिवाय तिरस्कार, आत्मग्लानि एवंम नजरअंदाजी के…

कभी कभी हम किसी के बारे में अत्यधिक सोच लेते हैं और बाद में मिलता है

हमे अनोखा दर्द एवंम बेपनाह बुरा तजुर्बा….

” आप सही रहे ” उसके बाद भी लोग आपको न समझ पाएं, तो उनके लिए रोने की कोई जरुरत नहीं,

ऐसे लोगों से कहो – पतली गली पकड़ और निकल ; कोई जरुरत नहीं अब तेरी.

” अपने आप को दुःख देना बंद करो “

जिंदगी भी उसका भरपूर साथ देती है जो अपने विचारों को दूषित नहीं होने देता

और संघर्ष के दम पर दुनिया जीत लेता है.

जितने राजदार कम बनाओगे, उतने ही धोखे कम खाओगे,

क्योंकि हमारी कमजोरियां ही दुश्मनों को ताकतवर बनाती हैं..

जब कोई करीबी इंसान अपनी औकात दिखा जाता है न, तो मुझे दुख नही होता

बल्कि खुशी होती है कि, चलो अच्छा हुआ ” छुटकारा मिला “

कुछ रिश्तों का टूटना ही बेहतर था, छूटने वाले का छूटना ही बेहतर था.

एक ही बात उसको कब तक समझाते, रुठने वाले का रूठना ही बेहतर था.

संभालो खुद को खुद से,

किसी और ने संभाला तो शर्तें बेहिसाब होंगी..

कमाल करते हैं हमसे जलन रखने वाले,

महफ़िलें खुद की सजाते हैं और चर्चे हमारे करते हैं ,,

जितना बदल सकता था बदल लिया खुद को,

अब जिसको तकलीफ है वो अपना रास्ता बदल लें.

कुछ लोग आपको गलत समझते है तो बुरा न मानें,

क्योंकि वे आपको उतना ही समझते हैं जितनी उनमें समझ है..

अगर नेकी करने के बावजूद भी तकलीफ मिल रही है…

तो समझ लीजिए के दर्ज़े बुलंद हो रहे हैं….

अगर कोई व्यक्ति आपसे जलता है, तो ये उसकी बुरी आदत नहीं,

बल्कि आपकी काबिलियत है, जो उसे जलने पर मजबूर करती है…

कोई मेरे बारे गलत कहे तो उससे पूछना एक बार की ________ठीक से जानते हो.?

या यूं ही मन हल्का कर रहे हो.!!

एक हद के बाद इंसान, सब कुछ छोड़ देता है ;

शिकायत करना, मिन्नते करना, मनाना और फिर दिल ऐसा हो जाता है,

कि कोई बात करें तो ठीक, कि ना करें तो भी ठीक ;

क्योंकि पता लग चुका होता है, कि दुनिया बहुत झूठी और मतलबी है.

हम जितना दुःख के बारे में सोचते हैं, लिखते हैं..उतनी ही मानसिक बेचैनी और अस्थिरता महसूस करते हैं। अब इसीलिए मैं अब खुशियाँ चुनता हूँ। हर छोटी-छोटी चीजों में सकारात्मक कोण ढूँढता हूँ..मुझे अब दुःख से लगाव नहीं रहा क्योंकि दुःख समय द्वारा रचित क्षणिक परीक्षा है जो हमे देनी होती है !
सहारे इंसान को खोखला कर देते हैं और उम्मीदें कमज़ोर कर देती हैं,

अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू कीजिए,

आपका खुद से अच्छा साथी और हमदर्द कोई ओर नहीं हो सकता..!!

मन को खुश करने के लिए जीने वाले लोग, जानवर से भी गए गुजरे होते हैं.

ये लोग अपने मन के गुलाम बने रहते हैं और मन, इनकी ज़िन्दगी बरबाद करता चला जाता है..

जितना आदर्शवादी और संस्कारी होकर अपने रिश्ते में हम प्यार करते हैं और सबको खुश रखना चाहते हैं उतना ही दुख मिलता है और कोई भी दिल की फीलिंग्स को नहीं समझता है. फिर एक तरफा त्याग क्यों करते रहना ??

“जिंदगी अपनी भी होती है और अपनी खुशी को भी जीना चाहिए जैसे भी”, बाकी कोई अपना नहीं होता है चाहे जितना करो.

आपका जीवन आपका अपना है, दूसरे लोग आपसे जो होने की उम्मीद करते हैं, वह बनने की कोशिश में इसे बर्बाद न करें;

हर किसी को खुश करने के लिए अपनी खुशियों का त्याग न करें, जो आप बनना चाहते हो वो बनो..

हम लोगों के फैसलों के बारे में बहुत सोचते हैं, हम भूल जाते हैं कि

ये हमारी जिंदगी है और फैसला लेने का हक भी हमारा है.”

समझदार व्यक्ति भीतरी विकास कर आनन्द मे रहता है,

मूर्ख व्यक्ति बाहरी दुनिया को दोष दे दुख मे रहता है..

जिंदगी में कभी कभी ऐसा भी मोड़ आ जाता है, कि हम खुद के बिछाए हुए जाल में खुद ही फंस जाते हैं !

और लाख कोशिशों के बाद भी नहीं निकल पाते !!

किसी सही इंसान के साथ इतना भी ग़लत मत करना कि उसके साथ किए धोखे का पछतावा सारी ज़िन्दगी करना पड़े.
इतना भी कोई दुःख नहीं है तुम्हारे जीवन में, तुम केवल सोच सोच कर उसे बड़ा बना रहे हो ;

जो होना था हो गया, अब उठो और आगे बढ़ो..

जीवन भर लोगों ने मुझे सदैव विकल्प बना कर ही अपने जीवन मे शामिल किया है.. जब मन किया मुझे याद किया..मन किया मुझे दरकिनार कर दिया…अब बस हुआ..कब तक दूसरों के मनानुसार चलूंगा..अब मैं अलगाव का दर्द सह लूँगा…अकेला रह लूँगा परन्तु ये ढोंगी लोगों से दूर रहना ही पसन्द करूँगा..!!!
जो चीजें आपको तोड़ती है, कमजोर करती है… आपको जीवन मे आगे बढ़ने नही देती… उसका पीछा करना बंद करो…

वरना ये आपको जीवन मे कभी आगे बढ़ने नहीं देगी…

कुछ वर्ष पूव मुझे लगता था कि जीवन में कोई तो बात करने वाला होना चाहिए…जिससे अपनी खुशी, कार्य, दुःख साझा कर सकूँ..परन्तु जैसे जैसे वक्त बीता, लोगों की फितरत बदली..अब ऐसा लगता है कि इस जीवन युद्ध में खुद ही..स्वयं को ही स्वयं का पूरक बनाना होगा..!!
एक उम्र आता है जब इंसान को सब चीजें एक सी लगती है सही गलत में द्वेष करना भूल जाता हैं, हॉ ठीक है कोई बात नही, छोड़ो जाने दो, जैसी बातों का आदती हो जाता है, निरंतर कुछ खोते जाना है फिर भी आगे बढ़ते रहना है, इस बात से भलीभांति परिचित हो जाता है….हँसकर बातों को टाल देने की आदत विकसित कर लेता है,

ऐसा लगता है जिंदगी का बहाव किसी शांत जलाशय की तरह अपने वेग में चलते जा रहा है, वही शून्यवस्था जिंदगी की परिपक्वता है जहां आप दूसरो से बेहतर नजरिये से जिंदगी को देखते है !!

उम्र के उस पड़ाव पर हूं कि…अब किसी का साथ नहीं भाता, दरअसल जब कोई साथ होता है तो..जिंदगी बहुत आसान लगने लगती है और जब वो छोड़ जाते हैं. तो हम जीवन की सबसे निचली पायदान पे पहुंच जाते हैं, जहां सिवाय दर्द, बेबसी, अवसाद के कुछ नहीं मिलता,

इसलिए अब मैं एकांत से नाता जोड़ लिया हूं.

 

 

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