सुविचार 3106

आवश्यकता के बाद इच्छा को रोकें, अन्यथा यह अनियंत्रित बढ़ती ही जाएगी, और दुख का कारण बनेगी.

सुविचार 3105

चौराहे पर खड़ी जिंदगी, नजरें दौड़ाती है…

काश कोई बोर्ड दिख जाए, जिस पर लिखा हो…..” सुकून..0,कि. मी. “

मस्त विचार 2980

अपनो से मिला तज़ुर्बा बस इतना सबक सिखाता है,

उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है.

सुविचार 3103

सही काम करने के लिए आपको समूह की ज़रूरत नहीं होती,

ज़मीर ज़िंदा हो तो आप अकेले भी पर्याप्त हैं.

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