मस्त विचार 2947

सारी जिंदगी के भाग दोड़ का मेहनताना भी क्या खुब है,

चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.

सुविचार 3072

” यकीन कीजिए, जब आप होश में होते हैं,

तब आपका नसीब भी जागा हुआ रहता है,”

सुविचार 3071

हम जिस विचार पर अत्यधिक प्रतिक्रिया करते हैं, वही हमारी परिस्थितियां बन जाती हैं,

चाहे वह खुशी वाले विचार हों, या दुख वाले.

सुविचार 3070

गंदगी सड़न पैदा करती है, गौर से देखो, अपने भीतर कुछ गंदगी तो शेष नहीं रह गई.

सुविचार 3069

सुन्दर मुखड़े के मुकाबले बरताव के भले तौरतरीके कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं.

सुन्दर मुखड़ा लोगों को सिर्फ अपनी ओर खींचता है,

जबकि भले तौरतरीके हमेशा के लिए उन्हें अपने बन्धन में बाँध लेते हैं.

मस्त विचार 2943

” सब करो,” लेकिन अपनी मौज़ का सौदा कभी मत करो,

भले ही तीन-लोक का राज मिलता हो, मौज़ से कीमती कुछ नहीं होता, “

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