सुविचार 2441

हम हैं काबा हम हैं बुतख़ाना हमीं हैं कायनात,

हो सके तो खुद को भी इक बार सजदा कीजिए.

सुविचार 2440

यूं तो जिंदगी में आवाज देने वाले ढेरों मिल जायेंगे,

लेकिन बैठिए वहीं जहां अपनेपन का अहसास हो.

सुविचार 2439

जितने दुख आपकाे मिल रहे हैं उसमें से निन्यानबे प्रतिशत आपके आविष्कार हैं.