मस्त विचार 4804
वक़्त _तो _बहुत_कम_गुजारा _तुम्हारे___साथ…
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..
_ इस संसार का प्रत्येक मनुष्य, किसी न किसी से _ किसी न किसी रूप में _ छमा चाहता है.
देखी तो होगी तुमने..पतंगें कटी हुई..!
और शिकायत सबको हवा से रहती है…
आपका दिमाग आपकी भावनाओं से ज्यादा मजबूत होना चाहिए.
खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.
” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.
अगर वो मेरे थे तो _ मेरे हुए क्यों नहीं..
एड़ियां उठाने से शख्सियत बड़ी नहीं होती…!!