प्रिय “2025” जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं,
_ज्यादा उत्सुक होने की जरूरत नही है,
_चुपचाप आये हो तो चुपचाप निकल भी लेना,
_ ज्यादा लफड़ाबाजी पिछले वाले कि तरह नही करना,
_ खुश रखना और खुश रहना.
नए साल का दिन भी आम दिनों की तरह गुजरा,
_ जाने क्या बात थी हर बात पे रोना आया.!!
बहुत रूठा है नया साल, जिसे देखो वही मना रहा है !!
आप साल बदलते देख रहे हो, मैंने साल भर लोगों को बदलते देखा.!!
आज बहुत से लोग बहुत से अलग-अलग निर्णय लेंगे,
_ लेकिन वो बस आज के लिए ही होंगे !!
आखिर ये साल बदलता ही क्यों हैं, जबकि सबकुछ तो वहीं ठहरा रहता है,
_ कुछ बातें, कुछ यादें वही होती हैं औऱ उन्ही को हम बार-बार जिये जाते हैं ..तो फिर क्या मायने रखता है..
_ वक़्त का बदलना, साल और महीनों का बदलना, जब इंसान का अंदरूनी भाव ही नही बदल सकता तो,
_ सबकुछ बदलकर भी कुछ न बदला तो ऐसे बदलने का क्या मतलब…!
तकरीबन ये साल भी गुजरने वाला है..
_ साल तो गुजरते ही रहते हैं.. पता भी नहीं चलता..
_ वक़्त कभी रुकता नहीं, हर शुरू हुआ साल पूरा होकर बीत ही जाता है..
_ फिर नया साल आ ही जाता है, चाहे बीता हुआ साल कितना ही यातनादायी क्यों न रहा हो..
_ न वक़्त किसी की मनाही मानता है, न किसी दर्द पर ठहरता है.
_ उसे अपनी निश्चित चाल, अपनी तय दूरी हर हाल में पूरी करनी ही होती है.!!



