जीवन उतना भी गम्भीर नहीं है, जितना हमारा दिमाग इसे बना देता है..
कचरा घर का हो या दिमाग का, यहां वहां नहीं फेंकना चाहिए.!!
मकड़ी जैसे मतउलझो.. तुम गम के ताने बाने में..
_ तितली जैसे रंग बिखेरो.. हँस कर इस ज़माने में..!!
_ तितली जैसे रंग बिखेरो.. हँस कर इस ज़माने में..!!
ये दिमाग बड़ा भोला है, इसे जो कहानी सुनाओगे, ये उसे ही सच मान लेगा ;
_ इसे कमज़ोरी नहीं, बल्कि उम्मीद और जुनून की खुराक दो, फिर अपनी ज़िंदगी में असली बदलाव देखो.!!




