” मैं पत्थर हूँ कि मेरे सर पे ये इल्ज़ाम आता है,
_ आईना कहीं भी टूटे, मेरा ही नाम आता है.!!”
हर जगह ‘पत्थर’ मारना जरूरी नहीं,
_ कभी-कभी ‘किनारा’ कर लेना ही समझदारी है.!!
_ आईना कहीं भी टूटे, मेरा ही नाम आता है.!!”
_ कभी-कभी ‘किनारा’ कर लेना ही समझदारी है.!!