जब आप कामयाब हो जाओगे, तो बुराई करने वाले भी तारीफ़ करने लग जाएंगे.
कामयाब होने के बाद संघर्ष करने वाला शख़्स किसी का परम मित्र, किसी का होनहार भांजा, किसी का लाड़ला भतीजा, किसी का सबसे प्यारा भाई और किसी का सबसे प्रिय बेटा बन जाता है.
_ मगर जब वह संघर्ष कर रहा होता है और उसे किसी के साथ की ज़रूरत होती है, तब उसके पास कोई नहीं होता.
_ उस वक्त उसके साथ होती हैं तो बस उसकी उम्मीदें, उसके सपने, उसकी तन्हाई, उसका खालीपन और चारों ओर से सुनाई देते समाज के ताने.
– Mayank Mishra





