जिनकी भाषा में सभ्यता होती है, उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
सभ्यता उन क्षणों में पैदा होती है, जब लाखों लोग एक दूसरे के जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप किए बिना साथ जीना सीख जाते हैं.
_ देखा जाय तो बिना एक दूसरे के जीवन में दखल दिये साथ रह लेना, मनुष्य की सबसे विलक्षण उपलब्धियों में से एक है.
– सुषमा गुप्ता




