जो बिना ठोकर खाए मंजिल तक पहुंच जाते हैं,
_ उनके हाथ अनुभव से खाली रह जाते हैं.!!
भले ही कुछ नया हाथ नहीं आया, लेकिन अनुभवों ने बहुत कुछ सिखाया.!!
रास्ते आसान से चुने तो बहुत अच्छा लगा..
_ लेकिन मंजिल वही शानदार रही.. जहाँ पहुंचने में कदम लहुलुहान हुये.!!





