मस्त विचार 4200
तू समझता है कि जीने की है ख़्वाहिश मुझको,
मैं तो इस आस पे ज़िन्दा हूँ कि मरना कब है….!!
मैं तो इस आस पे ज़िन्दा हूँ कि मरना कब है….!!
आज में जीना सीख लो, क्योंकि कल कभी नहीं आएगा !
_ आपने जवाब नही दिया.. मतलब आपने उसका उगला हुआ विष ग्रहण ही नही किया.
नसीब से मिलते हैं ….. क़दर कीजिये,,
इबादत की नजर से देखेगा,,, तो जर्रे जर्रे में खुदा दिखेगा ,,,!