मस्त विचार 3893
तुमने नई जिंदगी की शुरुआत कर दी है,
_ मैं नये सिरे से जीना सिखना चाहता हूं.
_ मैं नये सिरे से जीना सिखना चाहता हूं.
काफ़िर हूँ मैं… कोई दीवाना नही जो लौट के फिर आऊँगा.
_ लोग समझने लगे मुझे तकलीफ नहीं होती..
कहीं न कहीं सारे लोग उलझे हुए हैं, या फिर किसी का दिल टूटा है, किसी के साथ कुछ हो गया _ जिससे परेशान है, वगैरह -वगैरह..!!
_ और उनके पास कोई सुनने या समझने वाला भी नहीं होता..!!
_ क्योंकि बोझ बन जाने से याद बन जाना बेहतर है..
_ और हालात बदलते ही लोगों के अंदाज बदलते देखे हैं.
_ जैसा होना होता है, वैसे हालात बन जाते हैं..!!