मस्त विचार 3887
दुश्मनी हो जाती है मुफ्त में सैकड़ों से साहब ;
_ इंसान का बेहतरीन होना भी एक गुनाह है..
_ इंसान का बेहतरीन होना भी एक गुनाह है..
_ अब कोई वजह नही मिलती मुस्कुराने की !!
_ *बदले में ज़िंदगी की हर खुशी बर्बाद की है*
_ इन्सान बस उन्हें छुपाने का हुनर सीख जाता है.