मस्त विचार 4085
इटों ने तों सोचा था…. मिलकर घर बनाएगें …
_क्या पता था ..रहनें कों पत्थर ही आएगें.
जो सोचा था वो हुआ नहीं, जो हो रहा है वो कभी सोचा नहीं था..!!
_क्या पता था ..रहनें कों पत्थर ही आएगें.
_ कुछ तुम बदलकर देखो कुछ हम बदलकर देखें.
_आज फिर तुमको…. मेरे ऐब दिखाई देंगे ..!!
We see others’ faults but why not ours ?
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे.…।
_ वहां नज़रिया बदलकर देखने की ज़रूरत होती है.!!
वह व्यक्ति दिल और दिमाग दोनों में रहता है !