मस्त विचार 3932
बर्दाश्त नहीं तुम्हे किसी और के साथ देखना,
_ बात शक की नहीं, हक़ की है..!!
_ बात शक की नहीं, हक़ की है..!!
_ एक ख्वाहिश ने उम्र भर का मुसाफ़िर बना दिया ..!!
_ पर चेहरे की मुस्कान और व्यक्तित्व की पहचान का सदियों तक असर रहता है.
_ पर ऐश में रहने वाले, सादगी में चंद लम्हे भी नहीं गुज़ार पाएंगे.
_ लफ्जों की मार ने कई घर तबाह किये हैं.