मस्त विचार 3940
बेवजह इल्ज़ाम है दीवारों पर बँटवारे का..
_ कई लोग तो एक कमरे में भी अलग अलग रहते हैं !!
एक अच्छे मोड़ पे साथ छोड़ना अच्छा है..
_ बजाय इसके कि हम छूटे हुए पे इल्ज़ाम लगाकर, बुरा महसूस करवाकर जाएं..!!
_ कई लोग तो एक कमरे में भी अलग अलग रहते हैं !!
_ बजाय इसके कि हम छूटे हुए पे इल्ज़ाम लगाकर, बुरा महसूस करवाकर जाएं..!!
_ मैं तो आज भी हरपल तुझे याद करता हूँ !!
_ कल जो #रंग थे, आज #दाग हो गये..
_ बस चलता रहता हूँ…अपनी राह…!
_ जिस पर पता ना लिखा हो तो कहीं नहीं पहुँचता..!!
_ विपत्तियों से ही इंसान ज्यादा निखरते हैं.