मस्त विचार 3693

कुछ कमियाँ मुझमें थीं, कुछ कमियाँ उनमें थीं,

फ़र्क सिर्फ इतना सा था _ वो गिनते रहे और हम नजरअंदाज करते रहे.

मस्त विचार 3690

जिन लोगों ने मुझे संघर्ष करते देखा है, उनको मेरी ” सफलता ” की सच्ची कीमत मालूम है, बाकि लोग तो मुझे ” नसीबदार ” ही समझते हैं.

– जो चीज़ें संघर्ष से मिलती और बढ़ती हैं, _ वे अधिक मीठी होती हैं..!!

मस्त विचार 3689

फूंक मारकर आप दिए को बुझा सकते हैं अगरबत्ती को नहीं,

_ क्योंकि जो सुगंध फैलाता है उसे कोई बुझा नहीं सकता.

मस्त विचार 3688

इतना होश ज़रूर रखो कि, कहीं से, दुःख न आ जाए,

_ फिर ज़िंदगी भर मौज़ करो.

सब कुछ मन में भर लो तो, ज़िन्दगी जहर बन जाती है ;

और अगर एक कान से सुन कर दूसरे कान से निकाल दो तो ;

_ “ज़िन्दगी मौज बन जाती है”

घोलिए न जहर ज्यादा सोचिए अगर पीना पड़ गया तो..
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