मस्त विचार 3818
हम ‘चाहने’ की मानसिक स्थिति में इतने गहराई से उलझे हुए हैं,
_ हम ‘होने’ की स्थिति में नहीं जा रहे हैं.
_ हम ‘होने’ की स्थिति में नहीं जा रहे हैं.
अक्सर हमारे दर्दो में छुपा रहता है दवाओं का पता..
_ किरदार काबिल हुए तो ही याद रखे जाएंगे !
..वैसे भी हमारे उदास रहने से किसी को क्या ही फ़र्क पड़ता है….!!!
जब चाहो माहौल बदल सको !!
_ ये शौक नही हालात तय करते हैं.