मस्त विचार 3875
मैं भुलाना नहीं चाहता उसको लेकिन, _ मुस्तक़िल ज़ख़्म का रहना भी बुरा होता है..
_यहां मैं भी मतलबी हूं, और तू भी मतलबी है..
लेकिन उनके बुरे बर्ताव के बाद आप में आए बदलाव के लिए आप को दोष जरूर देंगे.
_वो गुनाह करने वाले से भी बडा़ गुनाहगार है, “
_अगर अहमियत होगी तो लोग खुद याद कर लेंगे..
ताकतवर से सभी संधि चाहते हैं, यही दुनिया का रिवाज़ है “