मस्त विचार 3855

तेरे लिये मैंने क्या कुछ नही लूटा दिया,—–तुमको पसंद थी रोशनी—-

_तो मैंने तेरे लिये खुद को जला दिया.!!

सबको मतलब है रोशनी से.. _ मगर मोम का दम निकल रहा है..

_ ये किसी को नहीं दीखता..!!

मस्त विचार 3854

यादों का जो घेरा आपने अपने चारों तरफ बुन रखा है ना,

उसे जला कर राख कर देना, _क्योंकि ये इंसान को इस पल का होने नहीं देती..

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