मस्त विचार 3604
मुसाफिर कल भी था, मुसाफिर आज भी हूँ,
_ कल अपनों की तलाश में था, आज अपनी तलाश में हूँ…
_ कल अपनों की तलाश में था, आज अपनी तलाश में हूँ…
_लेकिन जमीन से उगा हर किसी को चाहिए.
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
*लेकिन बिना सवाल किये* _ *ख्याल रखने वाले**नसीब से मिलते हैं….!!*
कहो ” अकेला काफ़ी हूँ “
_ कुछ हादसों ने हमें समझदार बना दिया.