मस्त विचार 3689
फूंक मारकर आप दिए को बुझा सकते हैं अगरबत्ती को नहीं,
_ क्योंकि जो सुगंध फैलाता है उसे कोई बुझा नहीं सकता.
_ क्योंकि जो सुगंध फैलाता है उसे कोई बुझा नहीं सकता.
_ फिर ज़िंदगी भर मौज़ करो.
और अगर एक कान से सुन कर दूसरे कान से निकाल दो तो ;
_ “ज़िन्दगी मौज बन जाती है”
महत्वपूर्ण है हम बेहतर से बेहतरीन बनें.
उससे लाख गुना बेहतर आपको जरूर मिलेगा..
वरना कोई नहीं था, तुझसे ज्यादा करीब मेरे..।
बीत जाएगी ज़िंदगी रोशनी में, अंधेरो को भगाते रहो.