मस्त विचार 3761

परख न सकोगे ऐसी शख्सियत है मेरी,

_ मैं उन्हीं के लिए हूं, जो जाने कदर मेरी..

*ना होने का एहसास सबको है ;

_मौजूदगी की कदर किसी को *नही*

मस्त विचार 3757

उसूले ज़िन्दगी ही गुज़ारी है हमने,

_ जिसे अपना लिया, उसे कभी परखा नही.

उसूल के पक्के लोग, किसी को बार बार नहीं परखते..!!

मस्त विचार 3756

बहुत अच्छा होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते,

_कहीं बुरा बना दिए जाते हैं, कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं.!!

error: Content is protected