मस्त विचार 3497
परख से कब जाहिर हुई शख्सियत किसी की..
_ हम तो बस उन्हीं के हैं जिन्हें हम पर यकीन है…!!
_ हम तो बस उन्हीं के हैं जिन्हें हम पर यकीन है…!!
_ दिल और दिमाग के बीच बगावत लाजमी है !!
_ लेकिन आगे बढ़ेंगे, तो धँसना ही धँसना है..
_ एक इंसान किसी के लिए सही तो वही इंसान दूसरे के लिए गलत.!!
_ उसके लिए घने अँधेरे से हो कर गुजरना पड़ता है..
_ छोड़ कर अजनवी मोड़ पर “अपने” चले गए !!