मस्त विचार 3462

उन्हें लगता है ये सारा खेल बस नाम का है,

कहते है ये फ़ल मेहनत का नही, चर्चे आम का है ;

एक दिन को तो क़िरदार निभाकर देखे वो हमारा ;

जो कहते हैं कि ये काम बड़े आराम का है.

मस्त विचार 3457

बहती धारा के साथ बहो, किनारा छोड़ दो,

_ रखो यकीं खुद पे, दुनियाँ का सहारा छोड़ दो..!!

जब तक सहारे लेने की आदत नहीं छोड़ोगे,

_ दुनिया आप को अंगुलियों पर नचाती रहेगी.!!

अपने दम पर ज़िंदगी में आगे बढ़ते चले जाओ,

_ वरना सहारे तो इंसान को अपाहिज बना कर छोड़ देते हैं.!!

सहारे इंसान को खोखला कर देते हैं और उम्मीदें कमजोर कर देते हैं, अपनी ताकत के बल पर जीना शुरू कीजिए;

_ आपका आपसे अच्छा साथी और हमदर्द कोई नहीं हो सकता.!!

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