मस्त विचार 3540
वक़्त की लहरे है जिंदगी का ज़हाज़ है
_ जो आज कल था, वो कल आज है.
_ जो आज कल था, वो कल आज है.
_ कई दिनों से ज़िंदगी से बोल-चाल बंद है…
_ चलकर बर्षो पहले तक की बातें ताज़ा कर जाती है.
_ छोड़ कर अजनवी मोड़ पर “अपने” चले गए !!
_ चला चली के इस मेले में हर शख्स अकेला है.