मस्त विचार 3322

शुक्रगुज़ार कैसे ना हों हम आपके ज़नाब, _

_ आपने वक़्त भी दिया, तो हमें बर्बाद करने के लिए !!

मस्त विचार 3318

एतबार होगा तो खामोशियां भी समझ आ जाएगी,

एतबार ही नही हो तो लिखें अल्फ़ाज़ो से भी गलतफहमियां बन जाएगी,,

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