मस्त विचार 3355
हम कितने हठी हो गये हैं ! हम यह जानते हुए भी कि हम गलत कर रहें हैं,
हम अपने खिलाफ कुछ भी नहीं सुनना चाहते.
हम अपने खिलाफ कुछ भी नहीं सुनना चाहते.
*मालूम हमे भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते…..*
ऐ मुश्किलों ! देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूं.
_ यही सबसे बुरी आदत है मुझमें ..!!
_वो चेहरे पर तो नहीं दीखता न ,,,
_ हवाओं पे इल्ज़ाम लगाने से क्या होगा ! “
_ तूफ़ान के पल में ही खुद को साबित करना पड़ता है..!!