मस्त विचार 3290
अपनी मंज़िल का रास्ता हर वक़्त दूसरों से पूछते फिरोगे तो भटक जाओगे ;_ क्योंकि
_ आप की मंजिल की अहमियत जितनी आप जानते हो ” उतनी और कोई नहीं जानता “
_ आप की मंजिल की अहमियत जितनी आप जानते हो ” उतनी और कोई नहीं जानता “
_ पर जिंदगी अमीर बन गयी..
मेरी नजर का भी पर्दा उठा गया कोई.
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर की तह में जाएगा.
_ क्योंकि कुछ बातों को गुप्त रखना भी एक चतुराई है.