मस्त विचार 3109

नजरों मे रखना और नजरअंदाज करना, ये इंसान की नजर ही है,

जो वक्त के साथ नजरिया बदल देती है….

मस्त विचार 3107

अपने आप को मुकम्मल किए बिना, हक़ीक़त दिखाई नहीं देती, क्योंकि

अभी जो दिखता है, वो तुम नहीं देख रहे होते हो__वो कोई और देख रहा होता है..

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