मस्त विचार 4748
खारा समंदर न जाने किस बात पे इतराता है,
प्यासे की प्यास तो दरिया ही बुझा पाता है..
प्यासे की प्यास तो दरिया ही बुझा पाता है..
_ वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता है….!!
जिनको ठोकरों से बचना सिखाया..
और कोई न साथ देने को तैयार और न हाथ थामने को..
तुमको अपने आप ही … सहारा मिल जाएगा
कश्ती कोई डूबती … पहुँचा दो किनारे पे
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जाएगा..
तबाह करने का हौसला भी रखता हूं..