मस्त विचार 4627
यह खामी भी है और खासियत भी,
वक़्त कैसा भी हो ” गुज़र ही जाता है “
वक़्त कैसा भी हो ” गुज़र ही जाता है “
हद से ज्यादा उम्मीदें हमेशा घाव देती हैं..
” शुक्र है,” हवा ज़माने की आईने को लगी नहीं.
_ सारा जग है तेरा, बह तू बन के हवा.!!
क्योंकि अच्छा आंखों तक पहुंच पाता है, जबकि सरल ह्रदय तक !!
दरिया मे कूद जाओ, तो रास्ता देता है॥
…क्योंकि, जिंदगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिन्दा रहती हैं.