मस्त विचार 2981
जब हकीकतों की हवा चलती है,
तो ख़्वाबों के चिराग अक्सर बुझ जाया करते हैं.
तो ख़्वाबों के चिराग अक्सर बुझ जाया करते हैं.
उतना ही मिलो किसी से जितना वो मिलना चाहता है.
वरना फितरत थी गैरों पर भी भरोसा करने की.
_ स्वयं पर विजय पाकर आनंद मिलता है.
मगर उसमें गांठ पड़ ही जाती है.
लगता है कहीं गहराई में दिल लगा बैठे हो…