मस्त विचार 3029
हर वक़्त ज़िन्दगी से गिले-शिकवे ठीक नहीं,
कभी तो छोड़ दीजिये कश्तियों को लहरों के सहारे..
कभी तो छोड़ दीजिये कश्तियों को लहरों के सहारे..
कोई बिखर के मुस्कुराया तो कोई मुस्कुराकर बिखर गया ,,,
लेकिन पहचान अपने दम पर ही बनानी पड़ती है..
हर शख्स अपनी हद में बेहद लाजवाब होता है..!!