मस्त विचार 2934

उजाले के लिए काफी नही है सूरज का निकल आना,

_ यह भी जरूरी है कि आंखें खुली रहे.

किसी दिन जब सूरज बादलों के पीछे छिप जाया करता है और दिनभर नहीं निकलता तो.. हमें उतना फर्क नहीं पड़ता..

_ जितना कि घर की बिजली एक दिन के लिए गुल हो जाने पर हम चिड़चिड़े से हो जाते हैं,
_ न मिल के भी उदास नहीं करती हैं पहुँच से दूर की चीजें, कचोटती वो हैं जो पास में होकर भी न मिले…!

मस्त विचार 2929

उम्र जाया कर दी औरों के वजूद में नुक्स निकालते निकालते,

इतना खुद को तराशा होता, तो फरिश्ते हो जाते.

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