मस्त विचार 2862

*कुछ लोग ” ज़िन्दगी ” होते हैं ,*

*कुछ लोग ” ज़िन्दगी ” में होते हैं ….*

*कुछ लोगों से ” ज़िन्दगी” होती है ,*

*” पर “*

*कुछ ” लोग होते हैं ” तो ” जिंदगी “* *होती है ….!!!!! “*

मस्त विचार 2858

ख़यालातों के बदलने से भी निकलता है नया दिन,

_ सिर्फ़ सूरज के चमकने से ही सवेरा नहीं होता….

वो तमाम लोग जो गिरने के बाद फिर से खड़े हो गए,

_ उन्होंने अपने पांव नहीं ख़यालात बदले थे..!!

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