मस्त विचार 2851

​बिकती है ना ख़ुशी कहीं​, ​ना कहीं गम बिकता है..​.

लोग गलतफहमी में हैं​, ​कि शायद कहीं मरहम बिकता है..​.

मस्त विचार 2849

बुरा वक़्त सबसे बड़ा जादूगर है,

एक ही पल में सारे चाहने वालों के चेहरे से पर्दा हटा देता है.

मस्त विचार 2847

किस किस का नाम लूँ मैं, अपनी बर्बादियों में,

_ जिस जिस ने सितम ढाए, वो मेरे अपने थे.

ज़िन्दगी कि मुश्किलों को अपनों के बीच रख दो,

_ या मुश्किलें नहीं रहेंगी या अपने नहीं रहेंगे..!!

ज़िन्दगी का तमाशा बनाने वालों में..

_ सबसे बेहतरीन क़िरदार अपनों का होता है !!

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