मस्त विचार 2834
क्यूँ नहीं महसूस होती उसे तकलीफ़ “मेरी”
जो अक्सर कहते थे बहुत अच्छे से जानते हैं “तुझे”….
जो अक्सर कहते थे बहुत अच्छे से जानते हैं “तुझे”….
_ मुद्दा ये है कि परवाह किसको है ..
ये जुदा बात है कि दर्द में भी आराम रहा.
बहुत मज़ेदार हो जाती है,”
_ दरअसल वो हमारी हिफाज़त होती है..