मस्त विचार 3092
अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है,
_ जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है.
आख़िर ज़िंदगी उबाऊ अकेलेपन से भरे दिनों के क्रमिक दोहराव के सिवा क्या है ??
_ जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है.
खुशी दिल में ये है कि हम चल पडे़ हैं,”
क्योंकि सम्भालने वाले बदल चुके हैं.
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ..
वो ज़िन्दगी में हर परिस्थिति का सामना कर सकता है.
जिनकी माफ़ी मांगने का वक़्त भी गुजर चुका होता है.