मस्त विचार 2821
मुमकिन नहीं हैं हर किसी को, यहाँ खुश रख पाना…
जैसे ही दीपक जलाया मैंने…अंधेरा नाराज होकर चला गया..!
जैसे ही दीपक जलाया मैंने…अंधेरा नाराज होकर चला गया..!
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनों को खबर तक नहीं.
हमें जो चाहिए वही होगा.
मेरा फ़र्ज सिर्फ आपकी कीमत बढ़ाना है…
मैं एक अंडा दूं और स्वयं मृत हो जाऊं.
चाल कोई भी चले पर अपने अपनों को नहीं मारते.