मस्त विचार 3032

अच्छे दिन के आने कि आस में ना जाने हम कितने अच्छे दिनों को गंवा बैठे हैं,

_ क्या आपने कभी महसूस किया है कि हम कभी कभी बेफिजूल के दुखी रहते हैं ?

मस्त विचार 3030

आज आईने के सामने खड़े हो कर खुद से माफ़ी मांग ली मैंने,

सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.

मस्त विचार 3027

दर्द सबके हैं मगर हौंसले सबके अलग,

कोई बिखर के मुस्कुराया तो कोई मुस्कुराकर बिखर गया ,,,

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