मस्त विचार 3015
वक़्त बीतने के बाद अक़्सर ये अहसास होता है..
जो छूट गया वो लम्हा बेहतर था..!!
जो छूट गया वो लम्हा बेहतर था..!!
ना उसने कभी बांधा ना मैंने कभी छोड़ा…
हम वहां काम आते हैं..जहां सब साथ छोड़ जाते हैं.
जब कोई सुनने वाला नहीं होता.
जिंदगी भर दौड़कर भी कहीं नहीं पहुँच पाते,”
वरना हकीकत अक्सर रुलाया करती है.