मस्त विचार 2692
न तुम से बात हुई और न ही देखा तुमको…!!
आज का ये दिन इक उम्र बन के गुज़रा है..!!
आज का ये दिन इक उम्र बन के गुज़रा है..!!
कुछ हक़…..दिए नहीं जाते…..लिए जाते हैं..
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं.
बेगुनाह हो कर भी “मैंने” सजायें भुगती हैं.
लेकिन सिर्फ बातों से.
_ हम दोनों के बीच कई _पन्नों का फासला होगा..!