मस्त विचार 2949
उस मुकाम पर आ गयी है ज़िन्दगी,
मुझे कुछ चीजें पसंद तो है, मगर चाहिए नहीं…
मुझे कुछ चीजें पसंद तो है, मगर चाहिए नहीं…
दहलीज हूं दरवाजा हूँ लेकिन दीवार नहीं हूं मैं..
चेहरे पर झुर्रियाँ अपनो से दूरियां.
दूसरों की शिनाख्त में तो, हर शख्स माहिर है..
जो वक़्त आने पर वक़्त दिया करते हैं.