मस्त विचार 2343

चाहत पर अब एतबार ना रहा,……

खुशी क्या है यह एहसास ना रहा…..

देखा है इन आँखो ने टूटे सपनो को,…

इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा…!!

मस्त विचार 2341

“ज़रा सी ज़िंदगी है, अरमान बहुत हैं;

हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं;

दिल के दर्द सुनाएं तो किसको;

जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है !!

मस्त विचार 2340

शिकवा तो बहुत हैं मगर..शिकायत नहीं कर सकते,

मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.

मस्त विचार 2339

यादों का बंधन तोड़ना इतना आसान नहीं है दोस्त…

कुछ लोग दिलों में बस जाते हैं,,,लहू की तरह…

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