मस्त विचार 2343
चाहत पर अब एतबार ना रहा,……
खुशी क्या है यह एहसास ना रहा…..
देखा है इन आँखो ने टूटे सपनो को,…
इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा…!!
खुशी क्या है यह एहसास ना रहा…..
देखा है इन आँखो ने टूटे सपनो को,…
इसलिए अब किसी का इंतेज़ार ना रहा…!!
दोस्त मुझे तरक्की के किस्से सुनाने लगे.
हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं;
दिल के दर्द सुनाएं तो किसको;
जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत है !!
मेरे होठों को इजाजत नहीं..तेरे खिलाफ बोलने की.
कुछ लोग दिलों में बस जाते हैं,,,लहू की तरह…
मुझे तो बस तू और तेरा साथ चाहिए…..