मस्त विचार 2219
मैं फिर से, ठीक तेरे जैसे की तलाश में हूँ..
गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ.
गलती कर रहा हू लेकिन होशोहवास में हूँ.
तुझसे ही फासला रखना और तुझे अपनाना भी.
_ मुस्कुरा के कोई मिलता है तो डर जाते हैं ..
हम मिले ही क्यूँ थे जब हमें मिलना ही नहीं था..
कभी जो कच्चे घरों में दीये जलाये थे……