मस्त विचार 2165

-उड़ जाएंगे एक दिन …,तस्वीर से रंगों की तरह !

हम वक्त की टहनी पर…, बेठे हैं परिंदों की तरह !!

‘केनवास’ पर बनी ‘पेंटिग’ को रचने में रंगों को अपना अस्तित्व मिटाना पड़ता है.

मस्त विचार 2164

तुमको देखा तो ये खयाल आया

जिंदगी धूप, तुम घना साया

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की

आज फिर दिल को हम ने समझाया

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे

हमने क्या खोया हमने क्या पाया

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते

वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया.

मस्त विचार 2162

।। खुशी ।।

फितरत तो अच्छी रखिये जनाब,

चेहरों का क्या है, रोज़ बदलते हैं ।

रिश्तों को सहेज कर निभाना,

बड़ी मुक्कदर से ,अब, अपने मिलते हैं ।

शोर मत करिये, विनम्र रहिये,

गरजते बादलों से पानी कम ही बरसते हैं।

बातों की जादूगरी ज्यादा दिन चलती नहीँ,

सिक्के वही चलते है जो खरे होते हैं ।

पैसों की खनक जरूरत के लिये ठीक है,

इसका नशा बीमार कर देता है,

चैन मिलता है खुली हवाओं में,

महलों की चारदीवारी में तो दम घुटता है ।

खुलकर जी लो, हँस लो, बोल लो,

अपनों को निभा लो, सबको अपना बना लो,

जग अपना नहीँ बेगाना है,

कल सबको चले जाना है,

दूर जाने के बाद फिर नज़दीकियों के,

रास्ते कहाँ मिलते है ।

 

।। पीके ।।

मस्त विचार 2161

हे खुदा.. आँसू इतने मंहगे कर दे,

कि किसी की आँखों में आ ना सके,,

और हँसी इतनी सस्ती कर दे,

कि हर किसी के होंठो पर हरदम रह सके…!!!

मस्त विचार 2160

तेरी शान में क्या नज़्म कहूँ अल्फाज नही मिलते..

कुछ गुलाब ऐसे भी हैं जो हर शाख पे नही खिलते..

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