मस्त विचार 2058

मैंने तूफ़ान में उस कश्ती को पतवार मारना बंद कर दिया …

जिस पर मैं सवार था और कुछ पलो में ही

मैं ये देख कर हैरान रह गया …

कि कश्ती खुद ही पार लगना जानती थी…

मस्त विचार 2057

नसीयत देता हूँ, इसका मतलब ये नहीं कि समझदार हूँ मैं,

बस मैंने गलतियां आपसे ज्यादा की हैं.

मस्त विचार 2056

जेब की बड़ी कीमत है, इस दुनिया में पीके,

वजन बातों का नहीं, जेब का होता है,

जो जेब हो भारी,तो रिश्ता गहरा होता है,

खाली जेब वाला, कोड़ियों में बिकता है.

मस्त विचार 2054

तेरा नूरानी मुखड़ा देख खिचे चले आते हैं.

नहीं चाह इस दुनिया की, बस तुझ संग प्रीत लगाते हैं.

बस गए हो यू इस तरह इन नयनों में

जिधर देखो बस तुम ही तुम नज़र आते हो.

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