मस्त विचार 2312
मुहब्बत का हम हर इम्तिहान दे चुके
ग़ैरों से नहीं अपनो से धोखा खा चुके
समझा दिया वक़्त ने ख़ूब हमें ए यार
एक तुम्ही को अपना दिलबर चुन चुके।
ग़ैरों से नहीं अपनो से धोखा खा चुके
समझा दिया वक़्त ने ख़ूब हमें ए यार
एक तुम्ही को अपना दिलबर चुन चुके।
और ये वक़्त है कि हम सोचते हैं कि वो भी क्या वक़्त था.
जाने क्या चीज़ निगाहों से पिला देते हो.
अभी तो बस आगे बढ़ने से ही फुरसत नही,
लोगों को क्या मैं दू सलाह.., मैं तो ख़ुद ही कशमकश में हूँ..!!!
तो मजा जीने का और भी आता है.