मस्त विचार 4545
कद किस्मत का बड़ा था पर मैं भी डट कर खड़ा था.!!
जिसे अपने पसीने की कीमत पता हो, वो किस्मत के भरोसे नहीं जीता.!!
कि दुःखों के लिए स्वयं दरवाजे खोल आते हैं..
ख़ुश रहने के लिए परेशान रहते हैं !
फिर भी फ़िजा को रंगीन बना देता है..
_ ना जाने खामोश रहना समझदारी है या मजबूरी..?
कामयाबी उन्हीं को मिलती है ; जो खड़े रहते हैं अपने पैरों पर…