मस्त विचार 4475
दर्द रुलाता है,,,ये तो सब जानते हैं,,,
पर दर्द जगाता भी है,,,ये सब नहीं जानते,,,
पर दर्द जगाता भी है,,,ये सब नहीं जानते,,,
आप मुझसे सीखिए कि जिन्दा रहकर हर ग़म को कैसे पीते हैं.
ना खुश हूँ ना उदास हूँ, बस ख़ाली हूँ और खामोश हूँ.
जिनके लिए हम पूरी दुनिया को भूल जाते हैं.
बिछड़ने का …कोई रिवाज़ ना हो…
जिंदगी को अपनों से जोड़ लो, है चार दिन की ये सोच लो..