मस्त विचार 4387

खुश हो गर तुम ज़िंदगी से, तो वजह, तुम खुद ही हो,

खुश नहीं गर ज़िंदगी से, तो वजह तुम खुद ही हो,

मस्त विचार 4382

जो बिना ठोकर खाए मंजिल तक पहुंच जाते हैं,

_ उनके हाथ अनुभव से खाली रह जाते हैं.!!

भले ही कुछ नया हाथ नहीं आया, लेकिन अनुभवों ने बहुत कुछ सिखाया.!!
रास्ते आसान से चुने तो बहुत अच्छा लगा..

_ लेकिन मंजिल वही शानदार रही.. जहाँ पहुंचने में कदम लहुलुहान हुये.!!
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